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महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में आदेश टला: बृज भूषण सिंह पर चार्ज फ्रेम का इंतजार बढ़ा

By Dinesh chourasiya

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को बृज भूषण सिंह और एक अन्य के खिलाफ 6 महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न मामले में आरोप तय करने पर आदेश टाल दिया है. अब इस मामले में अदालत 10 मई को सुनवाई करेगा. उम्मीद है कि इस दिन अदालत बृजभूषण के खिलाफ चार्ज फ्रेम किए जाने को लेकर अपना अहम आदेश सुना सकती है.

इससे पहले एडिशन चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट प्रियंका राजपूत ने 7 मई को मामले में आरोप तय करने का आदेश दिया था. बृजभूषण शरण सिंह की उस याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया था. बृजभूषण शरण सिंह ने दावा किया था कि 7 सितंबर, 2022 को वो दिल्ली में नहीं थे और इस दिन वो सर्बिया में थे. इस घटना को लेकर उन पर लगाए गए आरोपों की दोबारा जांच की मांग की थी और उन्होंने साथ ही साथ एक कोच के कॉल डिटेल रिपोर्ट की कॉपी भी मांगी थी.

शिकायतकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने कहा था कि आवेदन में देरी करने की रणनीति थी और सीआरपीसी की धारा 207 के स्तर पर दस्तावेज मांगे जा सकते थे. सिंह इस मामले में सह-अभियुक्त विनोद तोमर, जो भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व सहायक सचिव हैं के साथ जमानत पर हैं. दिल्ली पुलिस ने पिछले महीने उनके खिलाफ धारा 354, 354 ए, 354 डी और 506 (1) (आपराधिक धमकी) के तहत आरोप पत्र दायर किया था. हालाँकि एक नाबालिग पहलवान द्वारा सिंह के खिलाफ दर्ज पोक्सो मामले में क्लोजर रिपोर्ट दायर की गई है.

उत्तर प्रदेश की कैसरगंज सीट से बृजभूषण शरण सिंह सांसद हैं. इस बार लोकसभा चुनाव में BJP ने बृजभूषण सिंह को टिकट नहीं दिया है. बीजेपी ने इस सीट से बृजभूषण शरण सिंह के बेटे करण भूषण को टिकट दिया है.

भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर 6 महिला पहलवानों ने यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं. एक नाबालिग महिला पहलवान ने भी बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था. हालांकि, नाबालिग पहलवान ने बाद में अपने आरोप वापल ले लिए थे. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच की थी. बृजभूषण शरण सिंह अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताते रहे हैं.

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