छत्तीसगढ़

CG में दर्दनाक हादसा :गन्ने को जानवरों से बचाने लगाया बिजली तार, चपेट में आए हाथी की मौत, 3 साल में 14 की जा चुकी है जान

By Dinesh chourasiya

फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar

बलरामपुर जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र के नरसिंहपुर में गन्ने के खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए तरंगित तार की चपेट में आने से हाथी की मौत हो गई। रात में हाथियों ने गन्ने की फसल को भी खाया लेकिन झूंड के दूसरे हाथी तरंगित तार की तरफ नहीं आए, वरना और भी हाथी इसकी चपेट में आ सकते थे। ग्रामीणों का कहना है कि करंट लगने के बाद हाथी बहुत देर तक चिंघाड़ता रहा, लेकिन वन कर्मचारी वहां नहीं थे। इस घटना ने ​हाथियों की सुरक्षा और निगरानी की पोल खोल दी है।

प्रदेश में 55 हाथियों की मौत

छत्तीसगढ़ में हाथी मानव द्वंद्व में तीन साल में 55 हाथियों की मौत हुई है। इनमें 14 की मौत करंट से हुई है। छह हाथियों की मौत शिकारियों द्वारा लगाए गए बिजली करंट से हुई है। वहीं तीन साल में हाथी मानव द्वंद्व से जान माल की हानि के 58581 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इसमें कुल 53.43 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया गया है।

3 हाथियों ने तोड़े दो मकान, मलबे में दबा 6 साल का बालक गंभीर

पत्थलगांव परिक्षेत्र के गांवों में हाथियों के आंतक से ग्रामीण परेशान हैं। मंगलवार की रात ग्राम पंचायत फरसाटोली के आश्रित ग्राम बनटोला में तीन हाथियों का दल आधी रात पहुंच गया। हाथियों के पहुंचते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। हाथियों ने दो घरों को तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया। वनपरिक्षेत्र के रेंजर कृपा सिंधु पैकरा ने बताया कि मंगलवार की रात करीब 12 बजे तपकरा के जंगल से तीन हाथियों का दल बनटोला में पहुंचा। इस दौरान ग्रामीण नंदलाल उरांव अपनी पत्नी किशोरी(30), बेटे निर्मल(6) व अनुज(4) के साथ घर में सोए हुए थे।

तभी अचानक तीन हाथियों का दल आ धमका मकान को तोड़कर घर के अंदर घुस गया। मकान का दीवार गिरने से कमरे के अंदर सो रहे छह वर्षीय बालक निर्मल मलबे में दब गया। इससे बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। बगल के कमरे में रखे 80 किलो चावल को हाथियों ने चट दिया। घर के लोगों ने भाग कर अपनी जान बचाई। मलबे में 6 वर्षीय बालक 25 मिनट तक दबा रहा। आवाज सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े। हाथियों आंतक के चलते ग्रामीण बच्चे को मलबे से निकाल नहीं पा रहे थे।

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