छत्तीसगढ़

भिलाई में डेंगू ने तोड़ा पिछले तीन सालों का रिकार्ड:मरीजों की संख्या पहुंची 101, स्वास्थ्य विभाग ने टाइगर मच्छर से सावधान रहने किया अलर्ट

By Dinesh chourasiya

  भिलाई में अब तक डेंगू के 101 मामले सामने आ चुके हैं। इस आंकड़े ने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। बढ़े केसेस को देखते हुए विभाग ने टाइगर मच्छर से सावधानी को लेकर अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग की माने तो शुरूआती समय में तीन से चार केस ही सामने आए थे। इसमें कुछ केस बाहर के थे। इसके बाद से डेंगू के मामले लगातार बढ़े जा रहे हैं। अकेले भिलाई की बात करें तो यहां के अलग-अलग क्षेत्रों में केस की संख्या बढ़ती जा रही है। अब तक यहां 101 डेंगू के केस सामने आ चुके हैं। यह आंकड़ा पिछले तीन सालों में सबसे अधिक है। सबसे अधिक केस भिलाई टाउनशिप के सेक्टर-2 में आ रहे हैं। यह क्षेत्र डेंगू को लेकर हॉट स्पॉट बना हुआ है।

टाउनशिप में लगातार मिल रहे मरीजों ने तीन स्तरीय मॉनिटरिंग व्यवस्था की पोल खोल दी है। बीएसपी की सफाई व्यवस्था, भिलाई नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी भी डेंगू रोकने में असफल रही। मंगलवार को 10 नए पॉजिटिव केस आने के बाद से स्वास्थ्य विभाग के होश उड़े हैं।

टाइगर मच्छरों के लिए महफूज जगह
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक डेंगू बुखार फैलाने वाले एडीस मच्छर रुके हुए साफ पानी में पनपते हैं। इनको टाइगर मच्छर भी कहा जाता है। यह घरों या कूलर, टंकी, पानी पीने के बर्तन, फ्रीज के ट्रे, फूलदान, टायर जैसे जगह महफूज रहते हैं। इस तरह के स्थानों में पानी एकत्र हो तो पहले उसमें दवा का छिड़काव करें, फिर पानी को फेंक कर नया पानी भरें।

बीएसपी स्कूल में किया जा रहा जागरूक
बीएसपी के 8 स्कूलों में छात्र-छात्राओं को पीएचडी विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक रमेश गुप्ता जाकर डेंगू से बचने के उपाय बता रहे हैं। उनके द्वारा डेंगू किस जगह, कैसे पनपता है, इससे बचाव के लिए क्या उपाय है आदि के बारे में बताया जा रहा है। उनके द्वारा बच्चों के माध्यम से घरों में जहां-जहां साफ पानी जमा होता है, उसकी सफाई करवाने का करवाया जा रहा है। अब तक करीब 3500 से अधिक बच्चों को इस तरह से जागरूक किया जा चुका है।

किस साल कहा आए डेंगू के अधिक केस
डेंगू के केस की बात करें तो हर साल ये अलग-अलग क्षेत्र में तेजी से फैला है। 2013 में डेंगू के सबसे अधिक केस अहिवारा में मिले थे। इसी तरह 2014 में पुरैना, 2015 में खुर्सीपार, 2016 में सेक्टर-4, 2017 में सुपेला राम नगर, बालाजी नगर हॉट स्पॉट था। इसके बाद 2018 में खुर्सीपार, टाउनशिप, 2019 में मामले कम आए। 2020 में सेक्टर-2 और 4, 2021 में सेक्टर-4 हॉट स्पॉट था। 2022 में संतोषी पारा, कैंप क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। 2023 में फिर एक बार सेक्टर-2 और 4 हॉट स्पॉट बने हुए हैं।

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