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DURG NEWS पीड़ित निवेशकों की राशि लौटाएगा दुर्ग जिला प्रशासन:चिटफंड कंपनी यश ड्रीम की संपत्ति नीलाम करने कोर्ट ने दिया आदेश

By Dinesh chourasiya

यश ड्रीम रियल एस्टेट चिटफंड कंपनी के प्रकरण में शुक्रवार को न्यायालय का फैसला आ गया। विशेष सत्र न्यायधीश नीता यादव ने सभी पक्षकारों को सुनने के बाद चिटफंड कंपनी की संपत्ति कुर्क कर नीलाम करने अंतिम आदेश दिया। अब कंपनी की संपत्ति कुर्क करने से लेकर नीलाम करने का काम जिला प्रशासन करेगा। उसकी संपत्तियों की नीलामी से जो धनराशि प्राप्त होगी, उसे निवेशकों की देनदारियों का भुगतान किया जाएगा। पीड़ित निवेशकों को राहत मिलेगी।

शिकायत मिलने पर 2016 में तत्कालीन कलेक्टर ने कंपनी की संपत्तियों का मूल्यांकन कराया था। उस वक्त जिले में अलग-अलग स्थानों पर मौजूद उसकी संपत्ति करीब 16 करोड़ रुपए की आंकी गई थी। मौजूदा समय वही संपत्तियां करीब 50 करोड़ की होने का अनुमान है। इस मुकदमे में शासन की ओर से लोक अभियोजक बालमुकुंद चंद्राकर ने पैरवी की।

आरोपी चिटफंड कंपनी के वकील ने अपने मुवक्किल की संपत्ति कुर्क होने से बचाने के लिए न्यायधीश के समक्ष दलील-पर-दलील दी, लेकिन लोग अभियोजक के तथ्यों के सामने एक नहीं टिकी। फाइनल बहस के बाद न्यायालय का फैसला चिटफंड कंपनी के विरुद्ध आया। अब नीलामी की जाएगी। जिलेवासियों को करोड़ों का चुना लगाकर फरार हुए चिटफंड कंपनी साईं प्रकाश प्रॉपर्टी डेवलपमेंट लिमिटेड और कोलकाता वेयर इंडस्ट्रीज लिमिटेड के डायरेक्टर को पुलिस ने दबोच लिया।

जिला पुलिस की टीम ने सांई प्रकाश के डायरेक्टर रणविजय सिंह बघेल को ओडिशा और कोलकाता वेयर के डायरेक्टर शाहजान खान को रायगढ़ से गिरफ्तार किया। दोनों के विरुद्ध क्रमश: थाना भिलाई नगर एवं थाना पुलगांव में अमानत मे ख्यानत की रिपोर्ट पर अपराध दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद ही दोनों फरार हो गए थे।

• कोलकाता वियर इंडस्ट्रीज के प्रकरण में निवेशक दीनानाथ पांडे को 16 लाख रुपए लौटाए

• शुष्क इंडिया कंपनी की संपत्ति बेचकर 45 लाख जुटाए, निवेशकों को देने की प्रक्रिया जारी

• इस कंपनी की रायपुर वाली संपत्ति नीलाम होने के बाद मिल पाएंगे दुर्ग के निवेशकों को पैसे

• संचय इंफ्रा के डायरेक्टर ने 16 निवेशकों को 25 लाख रुपए लौटाने को कहा, प्रक्रिया जारी

• 12 चिटफंड कंपनी के 1.2 करोड़ की संपत्ति नीलाम कर 54 निवेशकों को लौटाया जाएगा।

साई प्रकाश प्रॉपर्टी डेवलपमेंट सोसाइटी और कोलकाता वेयर इंडस्ट्रीज लिमिटेड के डायरेक्टर की गिरफ्तारी जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है। दोनों कंपनियों ने जिला व प्रदेशवासियों को ज्यादा ब्याज दिलाना बोल करोड़ों रुपए इन्वेस्ट कराए थे। ज्यादा रकम जमा होने के बाद अचानक फरार हो गए। 7 साल के प्रयास के बाद अब हत्थे चढ़े हैं। दोनों से निवेशकों की रकम वापस कराई जाएगी।

– संजय ध्रुव, एएसपी सिटी, दुर्ग।

हाईकोर्ट से प्रोसीडिंग स्टे था इसलिए थोड़ी देरी हुई :

चिटफंड कंपनी की संपत्ति कुर्क करने का अंतरिम आदेश देने के बाद उसे अंतिम आदेश में बदलने के लिए जिला प्रशासन ने 2016 में ही विशेष सत्र न्यायाधीश के यहां मुकदमा दायर कर दिया था। लेकिन चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर हाईकोर्ट से मुकदमे में प्रोसीडिंग स्टे ले आए थे। इसलिए न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई रुक गई थी। हाल ही में हाई कोर्ट ने उनके स्टे को खारिज कर लोवर कोर्ट को फैसला सुनाने आदेश दिया।

अपील का रास्ता है, लेकिन राहत नहीं मिलेगी :

वकीलों के अनुसार चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर अपने विरुद्ध आए आदेश के विरुद्ध हाई कोर्ट में अपील कर सकते हैं। अपील करने में कोई रुकावट नहीं होने वाली है, लेकिन उनकी अपील हाई कोर्ट में एक मिनट भी नहीं टिकेगी। वरिष्ठ अधिवक्ताओं का इसके पीछे तर्क यह कि प्रोसीडिंग स्टे का खारिज करने से पहले न्यायालय ने कंपनी के डायरेक्टरों का पक्ष सुन लिया है। उनका पक्ष मजबूत नहीं होने से ही पूर्व में दिया प्रोसीडिंग स्टे खारिज किया।

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