
फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार: फर्जी डिग्री के सहारे इलाज करने के गोरखधंधे का भंडाफोड़… खुद को वरिष्ठ निश्चेतना विशेषज्ञ बता कई हॉस्पिटल में किया काम….












बलौदाबाजार। थाना कसडोल पुलिस द्वारा फर्जी डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा फर्जी नाम एवं डिग्री के सहारे इलाज करने के गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया गया। आरोपी द्वारा स्वयं को वरिष्ठ निश्चेतना विशेषज्ञ के रूप में प्रस्तुत किया जाता था। फर्जी डॉक्टर आद्या हॉस्पिटल कसडोल में इलाज करने पहुंचा था। हॉस्पिटल में “ऑन कॉल” पर उपलब्ध होने का जाल फैलाया था। आरोपी फर्जी डॉक्टर पिछले 01 साल से श्री राम हॉस्पिटल बलौदाबाजार में काम कर रहा था।
प्रार्थी डॉ आर.एस.जोशी, डायरेक्टर आद्या हॉस्पिटल कसडोल द्वारा लिखित आवेदन देकर श्याम कोसले नामक व्यक्ति के फर्जी डिग्री के सहारे मरीजों का इलाज करने संबंधी रिपोर्ट दर्ज कराया गया। प्रकरण में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय दीपक कुमार झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सचिन्द्र चौबे एवं उप पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह के निर्देशन में आवेदन पत्र की सघन जांच कर आरोपी श्याम कोसले को अभिरक्षा में लिया गया।
जांच में आरोपी श्याम कोसले द्वारा फर्जी नाम पता डॉक्टर गौरी श्याम नंदा पिता राधेश्याम नंदा निवासी पुरुषोत्तमपुर जिला जयपुर उड़ीसा के नाम से स्वयं को निश्चेतना विशेषज्ञ डॉक्टर के रूप में प्रस्तुत करना पाया गया। साथ ही जांच क्रम में आरोपी द्वारा फर्जी सर्टिफिकेट देकर अस्पताल में “ऑन कॉल” के माध्यम से फर्जी डॉक्टर बनकर, धोखा देकर फर्जी तरीके से डॉक्टरी सेवा देने प्रतिरूपण द्वारा छल करना तथा गलत दस्तावेज देकर अस्पताल प्रबंधन एवं आम लोगों को गुमराह कर छल करना पाया गया। जांच पर आरोपी के विरुद्ध थाना कसडोल में अपराध क्र. 248/2023 धारा 419,420,467,468,470,471 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
प्रकरण में फर्जी डॉक्टर का नाम एवं फर्जी डिग्री के सहारे इलाज करने वाले आरोपी श्याम कोसले पिता लैनूराम कोसले उम्र 40 साल निवासी ग्राम बंगोली थाना कुरूद जिला धमतरी को पकड़कर मेमोरंडम कथन के तहत फर्जी दस्तावेज आदि जप्त किया गया है। आरोपी श्याम कोशले से पूछताछ पर बलौदाबाजार के राम हॉस्पिटल, आनंद हॉस्पिटल, ओमकार हॉस्पिटल, वाजपेई नर्सिंग होम, वर्मा हॉस्पिटल भाटापारा एवं रायपुर के मित्तल हॉस्पिटल में भी आरोपी द्वारा काम करना बताया गया है। उक्त दिशा में भी पुलिस द्वारा जांच कार्यवाही की जा रही है।
इसके अलावा जांच में यह बात भी सामने आई कि आरोपी काफी समय से लोगों का इलाज एवं प्रैक्टिस कर रहा है। इस फर्जी डॉक्टर का पकड़ा जाना निश्चय ही पुलिस के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि फर्जी डिग्री के सहारे इलाज करना, एक प्रकार से मासूम मरीजों की जान के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर ज्यूडिशियल रिमांड पर भेजा गया है।







