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कब थमेगा जंगली जानवरों का शिकार ? सुअर मारने बिछाए थे बिजली के तार, चपेट में आ गया ग्रामीण, कार्रवाई के नाम पर सुस्त पड़े जिम्मेदार

कोरबा। जंगली सुअर का शिकार करने बिछाए गए करंट की चपेट में आने से ग्रामीण गम्भीर रूप से घायल हो गया. घटना की जानकारी होने पर परिजन आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे. जहां उसकी हालत गम्भीर बनी हुई है. मामले की जांच जारी है, लेकिन कई मामले ऐसे हैं, जिसमें आज तक विभाग न किसी को पकड़ पाया और न कुछ पता लगा सका.

महेश की माने तो वो और उसके परिजन गांव से लगे कुरसिया जंगल में खेत पर लकड़ी कटाई कर रखा हुआ था, जिसे वो लेने के लिए गांव का ट्रैक्टर किराया कर लेने गया गया हुआ था. देर शाम होने के बाद ट्रैक्टर पर लकड़ी लोड होने के कारण वो और उसके परिजन गांव से लगे पगडंडी वाले रास्ते से वापस लौट रहे थे, तभी अचानक 11 केवी से लगे विद्युत तार की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गया.

एक साल पहले एक ग्रामीण और दो दिन पहले ही दो मवेशियों की करंट लगने से उसी जगह पर मौत हुई थी. घटना की जानकारी वन विभाग को भी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिसके चलते जंगली जानवर मर ही रहे हैं. ग्रामीण भी शिकार हो रहे हैं.

बड़े स्तर पर जंगली जानवरों का शिकार

कुछ दिनों पहले ही बालको वन परिक्षेत्र में जंगली सुअर का शिकार करने बम बिछाया गया था. बम की चपेट में आने से बच्चे की खौफनाक मौत हो गई थी. इस मामले में वन विभाग और बालको पुलिस और वन विभाग जांच में जुटी हुई है, लेकिन अब तक आरोपी पकड़ से बाहर है.

वहीं पसान इलाके में पति पत्नी जंगल हुए थे. जहां जंगली जानवर के शिकार करने बम लगाया गया था. बम की चपेट में आने से पति पत्नी घायल हो गए थे. इस मामले में भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. इन सब से लगता है कि वन विभाग कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभा रहा है.

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