
बम ब्लास्ट : खेल खेल में 7 साल के आदिवासी बालक की मौत, सुअर के शिकार के लिए लगाया गया था बम
कोरबा (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के कोरबा में रविवार को बम ब्लास्ट से सात साल के आदिवासी बच्चे की मौत हो गई। बच्चा जंगल में महुआ बीनने के लिए गया था। इसी दौरान वहां पड़े बम को उठाकर मुंह से खोलने लगा। तभी धमाका हुआ और उससे बच्चे के सिर के परखच्चे उड़ गए। बताया जा रहा है कि जंगली सुअर के शिकार के लिए कुछ लोगों ने वहां बम लगाए थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम किया है। फिलहाल बच्चे के शव का पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामला अजगरबहार ग्राम पंचायत का है।
जानकारी के मुताबिक, डोंगाभाटा गांव निवासी आदिवासी कोरवा सात साल का बच्चा बिहानुराम अपने बड़े भाई रामप्रसाद के साथ रविवार सुबह महुआ बीनने के लिए पास के जंगल गया था। लौटने के दौरान एक जगह अजीब सी चीज दिखाई देने पर बिहानुराम ने उसे उठा लिया। इसके बाद हाथ से खोलने का प्रयास करने लगा। जब काफी कोशिश के बाद भी हाथ से नहीं खुला तो मुंह से खोल रहा था। तभी ब्लास्ट हो गया और बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद बड़ा भाई घर पहुंचा और जानकरी दी।







जानकारी के मुताबिक, डोंगाभाटा गांव निवासी आदिवासी कोरवा सात साल का बच्चा बिहानुराम अपने बड़े भाई रामप्रसाद के साथ रविवार सुबह महुआ बीनने के लिए पास के जंगल गया था। लौटने के दौरान एक जगह अजीब सी चीज दिखाई देने पर बिहानुराम ने उसे उठा लिया। इसके बाद हाथ से खोलने का प्रयास करने लगा। जब काफी कोशिश के बाद भी हाथ से नहीं खुला तो मुंह से खोल रहा था। तभी ब्लास्ट हो गया और बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद बड़ा भाई घर पहुंचा और जानकरी दी।







