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दुर्ग में 19 साल पुराने केस में सऊदी से आया आरोपी RPF के सामने किया सरेंडर

By Dinesh chourasiya

रेलवे से जुड़े पुराने मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आरपीएफ दुर्ग का वारंट तामील अभियान जारी है। अभियान के तहत आरपीएफ ने 19 साल पुराने मामले के आरोपी को सऊदी अरब से भारत बुलाकर गिरफ्तार किया है। आरोपी करीब 16 साल से सऊदी अरब में रह रहा था।

वहीं, 11 साल पुराने रेलवे संपत्ति चोरी के मामले में एक आरोपी को ओडिशा के केंदुझर से गिरफ्तार किया गया है। आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, पिछले एक साल में वारंट तामील अभियान के तहत करीब 30 फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जा चुका है।

2007 के केस में 2012 में जारी हुआ था स्थायी वारंट

मामला साल 2007 का है। विशेष रेलवे न्यायालय रायपुर में रेलवे संपत्ति अवैध कब्जा अधिनियम की धारा 3(अ) के तहत केस दर्ज किया गया था। मामले में भिलाई के वीर नारायण नगर निवासी समीम खान आरोपी था। उसका स्थायी पता निजामपुर, जिला सिवान, बिहार बताया गया था।

कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ साल 2012 में स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद से आरपीएफ लगातार उसकी तलाश कर रही थी। वारंट तामील अभियान के तहत आरपीएफ दुर्ग की टीम आरोपी के स्थायी पते पर पहुंची। टीम में सउनि निरंजन, प्रधान आरक्षक बी. राजोरिया और आरक्षक एस.आर. मीना शामिल थे।

परिवार से पूछताछ में सऊदी अरब में होने की जानकारी

निजामपुर में आरोपी के परिवार से पूछताछ करने पर पता चला कि समीम खान साल 2010 से सऊदी अरब में रहकर काम कर रहा है। इसके बाद आरपीएफ ने आरोपी के परिवार और उससे लगातार संपर्क किया। टीम ने उसे भारत लौटकर कानूनी प्रक्रिया में शामिल होने और सरेंडर करने के लिए समझाया।

इसके बाद आरोपी सऊदी अरब से भारत आया और आरपीएफ पोस्ट दुर्ग में पहुंचकर सरेंडर किया। आरपीएफ के मुताबिक, आरोपी ने वारंट में दर्ज नाम और पता अपना ही होना स्वीकार किया। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उसे विशेष रेलवे न्यायालय रायपुर के समक्ष पेश किया गया।

11 साल पुराने केस में ओडिशा से आरोपी गिरफ्तार

आरपीएफ दुर्ग की टीम ने 20 अगस्त को एक अन्य पुराने मामले में भी कार्रवाई की। रेलवे संपत्ति चोरी से जुड़े करीब 11 साल पुराने मामले में फरार आरोपी को ओडिशा के केंदुझर से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

एक साल में करीब 30 वारंटियों को पकड़ा

आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, वारंट तामील अभियान के तहत पिछले एक साल में करीब 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि पुराने मामलों में भी कार्रवाई जारी रहेगी और लंबे समय से फरार आरोपियों की तलाश कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

 

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