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‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान से जल संरक्षण को मिली नई रफ्तार, पहली बारिश में ही लबालब हुईं जल संरचनाएं

जिले में 2.36 लाख कंटूर एवं स्टैगर्ड ट्रेंच का निर्माण, भू-जल पुनर्भरण शुरू; अगले चरण में 31,479 पौधों के रोपण का लक्ष्य

 

रितेश कुमार क्राइम रिपोर्टर (पत्रकार)

बालोद, 07 जुलाई 2026

जल संरक्षण और भू-जल स्तर को बढ़ाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा ’विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’, अन्य विभागों तथा जनभागीदारी के समन्वय से जिले में 2.36 लाख कंटूर एवं स्टैगर्ड ट्रेंच (खंतियां) का निर्माण किया गया है। मानसून की पहली बारिश के उपरांत ही इन संरचनाओं में पानी भर जाने से जल का संरक्षण एवं भू-जल पुनर्भरण सुनिश्चित हो गया है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चन्द्रवंशी के नेतृत्व में जिले में ’जल संचय जन भागीदारी अभियान’ के अंतर्गत जून 2025 से मई 2026 तक कुल 2,84,917 विभिन्न जल संवर्धन संरचनाओं का निर्माण किया गया। इनमें मुख्य रूप से कंटूर ट्रेंच, तालाब गहरीकरण, तटबंध निर्माण, चेक डैम, सामुदायिक व निजी डबरी, रिचार्ज पिट, सोकपिट, लूज बोल्डर चेकडैम, रूफ वॉटर हार्वेस्टिंग एवं गैबियन संरचनाएं शामिल हैं। इन पुख्ता प्रबंधों से वर्षा का बहुमूल्य जल बहकर नष्ट होने के विपरीत अब भूमि में समाहित हो रहा है, जिससे जिले के जल स्रोतों में लंबे समय तक पानी की उपलब्धता बनी रहेगी। जल की उपलब्धता बढ़ने से क्षेत्र में पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन एवं अन्य ग्रामीण गतिविधियों सहित स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी।

’विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025’ के अंतर्गत प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, जल संरक्षण, पर्यावरणीय स्थिरता तथा ग्रामीण परिसंपत्तियों के सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। इसी कड़ी में आगामी कार्ययोजना के तहत वर्ष 2026-27 में इस योजनांतर्गत जिले में 31,479 पौधों का रोपण, वृक्षारोपण किया जाना प्रस्तावित है।

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