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खनिज नियमों में बड़ा बदलाव: अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन पर अब न्यूनतम 25 हजार रुपये जुर्माना

गौण खनिज नियमों में संशोधन लागू, जब्त वाहनों की सुपुर्दगी, खनन पट्टों और राजस्व वितरण से जुड़े कई प्रावधानों में बदलाव

 

रितेश कुमार क्राइम रिपोर्टर (पत्रकार)

बालोद, 30 जून 2026 

छत्तीसगढ़ शासन खनिज साधन विभाग के द्वारा गौण खनिज नियमों के परिवर्तन हेतु केबिनेट की बैठक में मंजूरी उपरांत गौण खनिज के नियमों में संशोधन किया गया। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि खनिजों के अवैध उत्खनन, भंडारण, परिवहन के मामलों में प्रशमन की राशि में बढोत्तरी की गई है। संशोधित नियमानुसार खनिजों के अवैध उत्खनन, भंडारण के मामलों में, दोषी व्यक्ति द्वारा अपराध का प्रशमन कर प्रकरण समाप्त करना चाहता हो तो, न्यूनतम प्रशमन राशि जो किसी भी मामले में हो 25 हजार के कम नहीं होगी। परन्तु अवैध खनिज परिवहन के मामले में परिविहित खनिज मात्रा के विरूद्ध धारा 21 (5) अनुसार राशि के अतिरिक्त धारा 23 के अनुसार प्रतिटन दो हजार रूपये की दर से प्रशमन राशि, किन्तु किसी भी मामले में पच्चीस हजार के कम नहीं होगी। स्पष्ट है कि खनिज नियमों के तहत् न्यूनतम समझौता राशि 25 हजार से कम नहीं होगी।

इसी तरह अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण में जप्त वाहन, मशीन, खनिज या अन्य जप्त सामग्री को सुपुर्दी दिए जाने संबंधी अंतिम निर्णय के पूर्व किसी भी सक्षम न्यायायल को वाहन के प्रकार अनुरूप 50 हजार से 03 लाख रूपये तक जमानत राशि जमा नियम 46 (क) में निर्धारित सुरक्षा जमा मद में जमा कराये जाने उपरांत ही संलिप्त वाहन को सुपुर्दगी में दिया जा सकेगा। शासकीय निर्माण कार्य हेतु उत्खनन अनुज्ञापत्र दिये जाने हेतु रकबा 01 हेक्टेयर से बढ़ा कर 02 हेक्टेयर तथा अनुज्ञापत्र की अवधि 02 वर्ष से बढ़ा कर 03 वर्ष किया गया है। खनिज अन्वेषण, व्यवस्थि विकास और बुनियाढ ढाँचे के विकास हेतु छत्तीसगढ़ राज्य खनिज अन्वेषण न्यास 2025 की स्थापना 12 सितंबर 2025 को की गई। इसके अंतर्गत गौण खनिज पट्टा एकत्रित रायल्टी को 02 प्रतिशत ट्रस्ट में जमा कराया जाएगा।

विभिन्न रीति से उत्खनन पट्टे (जैसे बिना ई-नीलामी, निविदा अथवा ई-नीलामी, निविदा अथवा निजी भूमि के प्रकरणों) की स्वीकृति प्रीमियम राशि लिया जाकर किया जा रहा है। ऐसे में पट्टों का समामेलन करने से शासन को अलग-अलग मद में राशि प्राप्त होने से पट्टा समामेलन में व्यवहारिक कठिनाई आ रही थी। इसके दृष्टिगत नवीन प्रावधान किये गये है जिसके अनुसार ’जहां कोई समामेलित पट्ट, ई-नीलामी, निविदा अथवा प्रीमियम पर आधारित है, तो ऐसे पट्टे के समामेलित होने के पश्चात् रायल्टी, डीएमएफ, एसएमईटी, नीलामी राशि प्रीमियम राशि देय होगी तथा ऐसी राशि का भुगतान करने की सहमति पर, संचालक द्वारा पट्टों का समामेलन अनुज्ञात करेगा।

राज्य के निर्माण विभाग में रायल्टी कटौती एवं रायल्टी क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जारी करने में एकरूपता सुनिश्चित किये जाने बावत् नियम 71क में आवश्यक संशोधन किये गये है। संशोधित नियम के तहत् बाजार मूल्य के बराबर राशि के स्थान पर शब्द रायल्टी, डीएमएफ, पर्यावरण उपकर, अंधोसंरचना विकास उपकर, एसएमईटी व अन्य कर के समतुल्य राशिष् प्रतिस्थापित किया गया है। गौण खनिजों से प्राप्त राजस्व राशि का वितरण अब नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों के साथ-साथ जिला पंचायतों में उक्त राशि का वितरण किया जाएगा। बंद खदानों, निष्क्रिय खदानों हेतु डेंडरेंट (अनिवार्य भाटक) की दरों में 30 वर्षों में बढोत्तरी की गई है, ताकि निष्क्रिय खदानों को वापस लेकर दोबारा नीलाम अथवा नवीन स्वीकृति के तहत् खदान संचालन की अनुमति प्रदान की जा सके।

 

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