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सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू की:NEET पेपर लीक पर धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग; कॉकरोच पार्टी के आंदोलन का 9वां दिन

By Dinesh chourasiya

  • सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू की:NEET पेपर लीक पर धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग; कॉकरोच पार्टी के आंदोलन का 9वां दिन

लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने रविवार को जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। NEET पेपर लीक और CBSE की गड़बड़ियों के विरोध में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन का आज 9वां दिन है।

CJP पिछले 20 जून से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है। भूख हड़ताल शुरू होते ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी और स्टूडेंट जुटने लगे।

प्रदर्शन में कई किसान नेता भी शामिल हुए। भूख हड़ताल शुरू करने से पहले सोनम वांगचुक और पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।

इससे पहले पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा था कि शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे तक हमारा आन्दोलन जारी रहेगा।

अभिजीत दिपके ने किसानों, छात्रों और विभिन्न संगठनों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की।
भूख हड़ताल शुरू होने से पहले राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी गई।
भूख हड़ताल शुरू होने से पहले राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी गई।

सोनम वांगचुक 170 दिन जोधपुर जेल में रहे

लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए आंदोलन कर रहे सोनम वांगचुक 170 दिन से वे जोधपुर जेल में थे। सोनम के अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह हिंसा हुई थी। इन प्रदर्शनों में 4 लोगों की मौत हुई थी। 90 लोग घायल हुए थे। सरकार का आरोप है कि वांगचुक ने इस हिंसा को भड़काया।

दो दिन बाद 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत वांगचुक को हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें फौरन जोधपुर शिफ्ट कर दिया था।

शिक्षा मंत्री ने देश को बांटने वाला कहा, दीपके के जवाब- हम टैक्स पेयर

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 23 जून को NDTV को दिए इंटरव्यू में कहा कि जिन्हें डेमोक्रेसी में रिजेक्ट कर दिया गया था, वे भेष बदलकर आए हैं और अब सिस्टम के पीछे पड़े हैं। वे उन लोगों के लिए नारे लगाते हैं, जो देश को बांटना चाहते हैं। उनकी पहचान हो गई है।

प्रधान ने ये भी कहा कि कुछ लोग जानबूझकर शिक्षा को डिरेल करने की कोशिश कर रहे हैं। फिर चाहे वो कोचिंग सेंटर वाले हों या फिर शिक्षा माफिया हों, इन पर नजर रखी जा रही है। हम इन्हें घुटने पर लाएंगे, नहीं तो हम देश के बच्चों के भविष्य को सुरक्षित नहीं कर सकते।

दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसके जवाब में कहा- हम करदाता हैं, हमारे माता-पिता करदाता हैं। हमें आतंकवादी कहा जा रहा है। क्या यह शर्मनाक नहीं है?

उन्होंने किसानों और डॉक्टरों को भी अतीत में आतंकवादी कहे जाने के आरोपों का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा और पूछा कि आखिर अब कौन बचा है जिसे ऐसा नहीं कहा गया। अभिजीत ने कहा-

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जब हर चीज को गोपनीय बताया जा रहा है तो फिर NEET पेपर गोपनीय क्यों नहीं रखा जा सका। उन्होंने कहा कि यदि पेपर लीक नहीं होता तो कई छात्रों की जान नहीं जाती।

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