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बीजापुर के बाद बस्तर के तेंदूपत्ता गोदाम में लगी आग:1 हजार बोरा जलकर राख, DFO रमेश जांगड़े हटाए गए, सागर जाधव को जिम्मेदारी

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में तेंदूपत्ता गोदाम में आग लग गई। बुधवार को सरगीपाल स्थित गोदाम में लगी आग से करीब 1 हजार बोरा तेंदूपत्ता जलकर राख हो गया। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद वन अमला और दमकल टीम ने आग पर काबू पाया गया। फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

इससे पहले सोमवार को बीजापुर के निजी तेंदूपत्ता गोदाम में आग लगी थी। इस घटना में लगभग 18 हजार बोरे जलकर खाक हो गए थे। शुरुआती अनुमान के मुताबिक 10 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है। इस घटना के बाद राज्य सरकार ने कार्रवाई करते हुए डीएफओ रमेश जांगड़े को हटा दिया है। उनकी जगह डीएफओ सागर जाधव की पदस्थापना की गई है।

सरगीपाल स्थित गोदाम में लगी आग से करीब 1 हजार बोरा तेंदूपत्ता जलकर राख हो गया।
कड़ी मशक्कत के बाद वन अमला और दमकल टीम ने आग पर काबू पाया।

सुकमा का था स्टॉक, शॉर्ट सर्किट आशंका

जानकारी के मुताबिक सरगीपाल स्थित तेंदूपत्ता गोदाम में बुधवार शाम अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। गोदाम में बड़ी मात्रा में तेंदूपत्ता रखा हुआ था।

आग लगने की सूचना मिलते ही वन विभाग और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक करीब 1 हजार बोरा तेंदूपत्ता जलकर खाक हो चुका था।

गोदाम में रखा तेंदूपत्ता सुकमा जिले का सालभर पुराना स्टॉक था, जिसे यहां सुरक्षित रखा गया था। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। वन विभाग मामले की जांच में जुट गया है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या लापरवाही की आशंका जताई जा रही है।

बीजापुर में 10 करोड़ से ज्यादा का नुकसान

उधर, बीजापुर में हाल ही में हुए 10 करोड़ रुपए से अधिक के तेंदूपत्ता नुकसान मामले में सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। वन मंत्री केदार कश्यप ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली, जिसके बाद बीजापुर डीएफओ रमेश कुमार जांगड़े को हटा दिया गया।

उनकी जगह डीएफओ सागर जाधव की नियुक्ति की गई है। मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश भी दिए गए हैं।

डीएफओ रमेश जांगड़े को हटा दिया है, आदेश की कॉपी।
डीएफओ रमेश जांगड़े को हटा दिया है, आदेश की कॉपी।

बीमा क्लेम एंगल की भी जांच

तेंदूपत्ता के बड़े स्टॉक का बीमा कराया जाता है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कहीं इन घटनाओं के पीछे बीमा क्लेम का एंगल तो नहीं है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

वन विभाग का कहना है कि जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि गोदाम में रखे तेंदूपत्ता का बीमा कराया गया था या नहीं, सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और आग लगने की वास्तविक वजह क्या थी।

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