भूपेश बघेल-सौम्या चौरसिया का AI वीडियो, FIR दर्ज:कांग्रेसियों ने 8 थाने में शिकायत की, इंस्टाग्राम ID बैन, महिला आयोग ने SSP को लिखा पत्र आरोपी की तलाश में पुलिस
By Dinesh chourasiya
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का एक कथित AI जनरेटेड वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें उन्हें उपसचिव रही सौम्या चौरसिया के साथ दिखाया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेसियों ने इस पर आपत्ति जताई और अलग-अलग 8 थानों में शिकायत की है।







मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र का है। जिस इंस्टाग्राम पेज पर ये फुटेज अपलोड हुआ, पुलिस ने उस आईडी होल्डर के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि मामले ने जैसे ही तुल पकड़ा, उस पेज को बैन कर दिया गया है। पुलिस वीडियो बनाने और वायरल करने वाले लोगों की पहचान कर रही है। महिला आयोग ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया है।





आईडी होल्डर के खिलाफ FIR
यह वीडियो इंस्टाग्राम के ‘कांग्रेस पोल खोल’ और ‘रैंडम छत्तीसगढ़’ नाम के अकाउंट से शेयर किया गया था। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए कार्रवाई करने की बात कही। मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 353(2) के तहत केस दर्ज कर लिया है।
रविवार को SSP से मिले कांग्रेस कार्यकर्ता
रविवार (26 अप्रैल) को कांग्रेस नेताओं ने एसएसपी विजय अग्रवाल से मुलाकात कर मामले में कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद सोमवार को पार्टी की ओर से जिले के अलग-अलग थानों में शिकायत दर्ज कराई गई।
शाम तक जिले के कई इलाकों जैसे जामगांव आर, कुम्हारी, भिलाई-3, नंदिनी नगर अहिवारा, जामुल, धमधा, अंडा, जेवरा सिरसा और रानीतराई में कांग्रेस कार्यकर्ता थानों पहुंचे और विरोध जताया।

इंस्टाग्राम आईडी बैन, आरोपी की तलाश शुरू
पुलिस जांच में सामने आया कि, जिन दो इंस्टाग्राम आईडी से वीडियो पोस्ट किया गया था, उन्हें बैन कर दिया गया और प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। हालांकि कांग्रेस कार्यकर्ता अभी भी इन अकाउंट को चलाने वालों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं।
साइबर टीम कर रही जांच
पुलिस ने जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। साइबर टीम वीडियो की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वीडियो कहां से बनाया गया और किसने इसे सबसे पहले पोस्ट किया।

महिला आयोग ने लिया संज्ञान
इधर राज्य महिला आयोग ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। आयोग ने खुद संज्ञान लेते हुए इसे संवेदनशील मामला बताया और दुर्ग एसएसपी को पत्र भेजा। आयोग ने साइबर सेल को निर्देश दिया है कि वीडियो की तकनीकी जांच कर उसके असली स्रोत का पता लगाया जाए और इसे फैलाने वालों की पहचान की जाए।
महिला आयोग ने साफ कहा है कि तकनीक का गलत इस्तेमाल कर किसी की छवि खराब करना, खासकर महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक सामग्री बनाना, गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है।
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