
छत्तीसगढ़ में कैशलेस चिकित्सा योजना को बजट में शामिल करने की कैशलेस चिकित्सा कर्मचारी संघ की मांग
By Dinesh chourasiya
रायपुर। कैशलेस चिकित्सा कर्मचारी संघ द्वारा राज्य सरकार से आगामी बजट में कैशलेस चिकित्सा योजना को शामिल करने की मांग को लेकर अभियान तेज कर दिया गया है। संघ की प्रदेश अध्यक्षा श्रीमती उषा चंद्राकार के नेतृत्व में सदस्यों ने सरकार से कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए कैशलेस उपचार सुविधा सुनिश्चित करने की अपील की है।
दुर्ग जिला सयोजक रवि शंकर सिंघम दुपेने कहा कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च लगातार बढ़ रहा है, जिससे कर्मचारियों को गंभीर बीमारी या आकस्मिक परिस्थितियों में भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। कई बार कर्मचारियों को उपचार के लिए कर्ज लेना पड़ता है या निजी संसाधनों का सहारा लेना पड़ता है। ऐसी स्थिति में कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी और वे बिना आर्थिक चिंता के बेहतर उपचार प्राप्त कर सकेंगे।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि यह मांग लंबे समय से उठाई जा रही है और अब बजट सत्र को देखते हुए इसे प्राथमिकता के साथ सरकार के समक्ष रखा गया है। इसी कड़ी में मंत्रालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सभी विभागों के सचिवों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है, जिसमें इस प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। बताया जा रहा है कि बैठक में योजना की व्यवहार्यता, वित्तीय प्रावधान और क्रियान्वयन की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
संघ के सदस्यों का मानना है कि यदि इस योजना को बजट में शामिल किया जाता है तो लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि वे अधिक निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।
कैशलेस चिकित्सा कर्मचारी संघ ने सरकार से सकारात्मक और संवेदनशील निर्णय की अपेक्षा जताई है। संघ के अनुसार मंत्रालय स्तर पर हो रही चर्चा के बाद इस मांग के बजट में शामिल होने की प्रबल संभावना है। अब सभी कर्मचारियों की नजर आगामी बजट घोषणा पर टिकी हुई है, जहां इस महत्वपूर्ण मांग पर अंतिम निर्णय सामने आएगा













