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दुर्ग मनरेगा बचाओ संग्राम में उपवास पर बैठे नेता:कांग्रेस बोली- बीजेपी अमीरों की पार्टी, 11 वर्षों से मजूदरों का शोषण कर रही सरकार

By Dinesh chourasiya

दुर्ग-भिलाई में छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने रविवार से मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत सार्वजनिक विरोध शुरू कर दिया है। शहर और ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता सुबह से शाम तक दुर्ग के गांधी प्रतिमा स्थल पर उपवास पर बैठे हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सुनियोजित तरीके से मनरेगा को कमजोर कर रही है और इसे धीरे-धीरे खत्म करने की साजिश रची जा रही है। बीजेपी अमीरों की पार्टी है, मजदूरों के हक को खत्म किया जा रहा है।

दुर्ग में कांग्रेस नेताओं ने उपवास रखकर किया प्रदर्शन।

दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि यह आंदोलन 25 फरवरी तक चलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रही है। मनरेगा के तहत ग्रामीणों को 100 दिनों का रोजगार देने की गारंटी थी, लेकिन भाजपा ने इसमें छल किया है। ठाकुर ने कहा कि मनरेगा से गारंटी शब्द को ही हटाने की कोशिश की गई और पिछले 11 वर्षों में मजदूरों को औसतन केवल 38 दिन का काम मिला है।

हर साल घट रहा मानव दिवस राकेश ठाकुर ने आंकड़े देते हुए बताया कि दुर्ग जिले में वर्ष 2023-24 में 45 लाख मानव दिवस सृजित हुए थे, जो 2024-25 में घटकर 32 लाख और चालू वित्तीय वर्ष में 18 लाख मानव दिवस रह गए हैं। यह सीधा संकेत है कि सरकार मनरेगा को खत्म करने की दिशा में बढ़ रही है। पहले इस योजना में केंद्र सरकार का पूरा योगदान था, लेकिन अब इसे 60:40 कर दिया गया है, जबकि राज्य सरकार के लिए अतिरिक्त बोझ उठाना संभव नहीं है।

सरकारी खजाने पर बढ़ेगा दवाब : बाकलीवाल शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि कांग्रेस मजदूरों और किसानों के हक की लड़ाई लड़ रही है। मनरेगा को योजनाबद्ध तरीके से समाप्त करने की कोशिश हो रही है। लगातार मानव दिवस घटाए जा रहे हैं और राज्य सरकार के अंशदान को बढ़ाकर खजाने पर दबाव बनाया जा रहा है। इसका सीधा नुकसान मजदूरों को उठाना पड़ रहा है।

बीजेपी अमीरों की सरकार है : चंद्राकर भिलाई जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय ग्रामीण मजदूरों को मनरेगा के तहत 100 दिन का रोजगार और काम न मिलने पर भत्ता दिया जाता था। अब न सिर्फ नाम बदला जा रहा है, बल्कि नियम भी बदले जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने बजट में कटौती कर दी है। उन्होंने भाजपा को अमीरों की सरकार बताते हुए कहा कि यह मजदूर विरोधी नीति है, जिसके खिलाफ कांग्रेस 25 फरवरी तक आंदोलन जारी रखेगी।

15 लाख की तरह जुमला है 125 दिन: साहू कांग्रेस नेता राजेंद्र साहू ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान बनाते समय सभी वर्गों के अधिकारों का ध्यान रखा था, लेकिन भाजपा मनरेगा कानून की मूल भावना को खत्म कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 100 दिन के रोजगार को 125 दिन करने की बातें भी जुमला हैं, जैसे 15 लाख और 2 करोड़ रोजगार के वादे थे।

योजना को खत्म करने का प्रयास कर रही बेजेपी कांग्रेस का आरोप है कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने की कोशिश केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और किसानों के अधिकारों पर सीधा हमला है। पार्टी ने VB-G RAM G योजना का हवाला देते हुए कहा कि इससे मनरेगा का संवैधानिक अधिकार कमजोर होगा और ठेकेदारी व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

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