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भिलाई विधायक देवेन्द्र यादव के प्रतिनिधि गुंडागर्दी : प्राचार्य के केबिन में घुसे:पर्चा फेंका और नेम प्लेट पर स्याही भी पोती, टेबल पर बैठकर कहा- कुर्सी से उठो और बाहर निकलो, 

By Dinesh chourasiya

भिलाई के कल्याण कॉलेज में मंगलवार को भिलाई नगर विधायक प्रतिनिधि व एनएसयूआई के प्रदेश महसाचिव आकाश कनौजिया ने जमकर हंगामा और गुंडागर्दी की। प्राचार्य के केबिन में जबरदस्ती घुसने के साथ ही एनएसयूआई ने प्राचार्य के उपर पर्चा फेंका और नेम प्लेट के उपर स्याही फेंक दी। इसके बाद वे प्राचार्य को जुते-चप्पलों की माला पहनाने की कोशिश करते रहे। इस दौरान विधायक प्रतिनिधि ने कल्याण कॉलेज के प्राचार्य को काफी फटकारा और कुर्सी से उतरने की बात कही। पूरा मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र के कल्याण कॉलेज सेक्टर-6 का है।

आधे घंटे तक प्राचार्य के केबिन में चलता रहा हंगामा।

प्राचार्य के टेबल पर बैठकर कहा- कुर्सी से उतरे और बाहर निकलो विधायक प्रतिनिधि ने प्राचार्य विनय शर्मा के करीब पहुंचकर बदत्तमीजी की और उन्हें कुर्सी से उठने और बाहर निकलने को कहा। प्राचार्य केबिन के अंदर आधे घंटे तक यह हाईवोल्टेज हंगामा जारी रहा। प्राचार्य ने इस दौरान कई बार कहा कि आप सामने बैठकर आराम से बात कीजिए, लेकिन विधायक प्रतिनिधि ने एक नहीं सुनी। इस दौरान विधायक प्रतिनिधि लगातार प्राचार्य डॉ. विनय शर्मा को चप्पलों की माला पहनाने की कोशिश करते रहे। बाद में पहुंची पुलिस बल ने तत्काल हुडदंग मचा रहे नेताओं को केबिन से बाहर निकाला।

जानिए… क्या है शिकायत और विवाद की वजह चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी गोदावरी सिन्हा और तीरथी साहू ने शिकायत की है कि 1 अगस्त 2025 को हमें अचानक नौकरी समाप्त होने की जानकारी मिली। इसके बाद जब हम प्राचार्य कक्ष में गए तब प्राचार्य ने हमारे साथ अत्यंत अभ्रद एवं अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। गाली-गलौज की। हमारी गरिमा को ठेस पहुंचाई और हमारे साथ अमानवीय एवं धमकीपूर्ण व्यवहार किया गया। इससे हमें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इसलिए प्राचार्य एफआईआर दर्ज की जाए। यह शिकायत हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलपति, कल्याण कॉलेज के इंटरनेशनल कंपलेन कमेटी समेत अन्य जगहों पर की है।

महिला ने शिकायत में बताया है कि वो पिछले 18 सालों से कलेक्टर दर पर काम कर रही हैं। मुझे बिना किसी नोटिस या कारण बताए अचानक नौकरी से हटा दिया गया। जब मैं जानकारी लेने के लिए गई तो मुझे अपमानित किया गया। मुझे दोबारा नौकरी दी जाए और पहले का पूरा भुगतान किया जाए। मेरे सेवा रिकॉर्ड और अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इसी शिकायत के आधार पर मंगलवार को NSUI नेताओं ने कॉलेज पहुंचकर प्राचार्य का घेराव किया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद भी आकाश कनौजिया पीछे हटने को तैयार नहीं थे।

महिलाओं को दोबारा नौकरी और माफी मांगने की बात विधायक प्रतिनिधि आकाश कनौजिया प्राचार्य से लगातार महिलाओं को तत्काल नौकरी देने और उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग कर रहे थे। इस दौरान प्राचार्य ने कहा कि मामला अभी कमेटी के पास है। शिकायत पर कार्यवाही हो रही है, लेकिन एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने एक न सुनी। यहां तक की प्राचार्य को नीच व दलाल तक कह दिया। नेताओं ने यह तक कहा कि गार्ड और पुलिस फोर्स भी नहीं रोक पाएगी… एनएसयूआई है हम। प्राचार्य के पुलिस को फोन करने पर आकाश ने कहा कि एफआईआर मेरे लिए मेडल है, मुझे डर नहीं लगता। भिलाई नगर थाना प्रभारी ने भी समझाया कि महिलाओं की शिकायत पर जांच चल रही है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

विश्वविद्यालय की कॉपी पर भी स्याही, विवि को दी जानकारी विधायक प्रतिनिधि व एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने जब प्राचार्य के केबिन में प्रवेश किया उस वक्त प्राचार्य छात्रों की परीक्षा के फॉर्म पर हस्ताक्षर कर रहे थे। यह फॉर्म विश्वविद्यालय भेजने थे। लेकिन नेताओं ने जब स्याही फेंकी तो फॉर्म पर भी स्याही चली गई, जिससे वो खराब हो गया। प्राचार्य ने इसकी जानकारी हेमचंद यादव विश्वविद्यालय प्रबंधन को दे दी है। इसके बाद कल्याण कॉलेज प्रबंधन भी मौके पर पहुंचा और स्थिति पर जानकारी ली।

सुपरवाइजर की रिपोर्ट पर हटाया प्राचार्य विनय शर्मा ने कहा कि यह अनुदान प्राप्त महाविद्यालय हैं। ये लोग कई वर्षों से काम कर रहे थे। मई-जून में एग्जाम खत्म हो जाते हैं तो उस वक्त कर्मचारियों की आवश्यकता नहीं पड़ती है। मैनेजमेंट से चर्चा कर हम निर्णय लेते हैं। इसमें सुपरवाईजर जो पूरा काम देखते हैं, उनकी रिपोर्ट पर कुछ कर्मचारियों को जिनकी आवश्यकता नहीं थी ऐसे 9 नाम सामने आए थे। जिनकी सेवाएं समाप्त की गई थी। प्रशासनिक समिति के अध्यक्ष की स्वीकृति ली गई थी। ये महिलाएं करीब 10 वर्षों से कार्यरत हैं। नया सत्र शुरू हुआ तो हमे जिनकी आवश्यकता थी तो उन्हें बुला लिया, जिनकी आवशय्कता नहीं हुई तो उन्हें नहीं बुलाया। इसके बाद महिला ने सभी जगह शिकायत की है। बीच में ये लोग फिर हमारे पास आए। हमने कहा था कि विचार करेंगे जरूरत होगी तो बुला लेंगे। अचानक इन लोग फिर आए और जोर-जोर से चिल्लाने लगे, नहीं बुलाओगे तो ऐसा होगा-वैसा होगा।

मैंने गाली नहीं दी, छात्र नेताओं का ऐसा व्यवहार ठीक नहीं : प्राचार्य प्राचार्य विनय शर्मा ने कहा कि मैंने कभी अभ्रद भाषा का प्रयोग नहीं किया है। गाली-गलौज नहीं दी है। ये बात यहां का पूरा स्टाफ जानता है। जब महिलाएं वापस चली गई उसके बाद फिर इन लोग ने शिकायत निवारण समिति के सामने आवेदन दिया। कमेटी अभी जांच कर रही है। मेरा भी बयान लिया गया है। प्रक्रिया अभी चल रही है। जब तक प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, तब तक इस पर निर्णय होगा कार्यवाही होने के बाद ही इस पर विचार किया जा सकता है। लेकिन आज जो छात्र नेताओं ने किया है उन्हें इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए। हम विश्वविद्यालय के कॉपी पर साइन कर रहे हैं, इन लोगों ने इस पर स्याही फेंक दी है। एग्जाम होने वाले हैं उसके फॉर्म हैं। हम मैनेजमेंट से चर्चा करेंगे इसके बाद हम निर्णय लेंगे। मैनेजमेंट जैसा बोलेगी वैसा करेंगे।

वो जैसा करेंगे, हम भी वैसा ही करेंगे : एनएसयूआई भिलाई नगर विधायक प्रतिनिधि आकाश कनौजे ने कहा- महिला के साथ प्राचार्य ने गाली-गलौज कर कमरे से बाहर निकाला है। हमने पता किया तो कई प्राध्याकों और स्टाफ ने हमें बताया था कि प्राचार्य ने गाली दी है। महिला रोते-रोते बाहर आई थी। इनके पास सीसीटीवी फुटेज नहीं है। पिछले 6 महीन से चतुर्थ श्रेणी और प्राचार्य के बीच खींचतान चल रही है। 60 साल की महिला के साथ इस तरह की स्थिति ठीक नही है। हम चाहते हैं कि प्रबंधन महिला को नौकरी दे और माफी मांगे। रही बात इस तरीके से बात करने की तो वो जैसा करेंगे हम भी वैसा ही करेंगे। हमने स्याही उनके नेमप्लेट पर पोती है, उनके चेहरे पर नहीं। हमने पद की मर्यादा की है।

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