
रायपुर में राज्योत्सव से पहले छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ी:क्रांति सेना-पुलिस में झड़प; CM बोले-आरोपी को बख्शेंगे नहीं, भूपेश बोले-सरकार की करतूत तो नहीं
By Dinesh chourasiya
रायपुर में राज्योत्सव से पहले छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति से तोड़फोड़ हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना मौके पर पहुंची और जमकर हंगामा किया। इस दौरान क्रांति सेना और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प भी देखने को मिली। पुलिस ने जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल और क्रांति सेना के सदस्यों को हिरासत में लिया है।
संगठन के सदस्यों ने इस घटना को छत्तीसगढ़ की अस्मिता पर हमला बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई है। प्रदर्शन के दौरान एक शख्स छत्तीसगढ़ महतारी के लिए रोते हुए नजर आया। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की है। CCTV फुटेज के जरिए आरोपियों की तलाश की जा रही है। मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है।







वहीं, मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जिसने ने भी इस घटना को अंजाम दिया है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। वहीं पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा ने यदि जन आक्रोश को अनदेखा किया तो अच्छा नहीं होगा।
वहीं इस पर पूर्व CM भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर लिखा बघेल ने लिखा कि कहीं यह शासन-प्रशासन के कार्यक्रमों से छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीरों को हटाने वाली भाजपा सरकार की करतूत तो नहीं? भाजपा समझ ले कि अगर जनआक्रोश को अनदेखा किया, तो अच्छा नहीं होगा।
छत्तीसगढ़ महतारी की जय! बात हे अभिमान के, छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान के। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा की सरकार बनने के बाद से छत्तीसगढ़ की अस्मिता खतरे में है। हमारी संस्कृति से छेड़छाड़ करने वालों को जनता माफ नहीं करेगी। वहीं बजरंग दल ने अपराधी का मुंडन करके जुलूस निकालने और 36 फीट की मूर्ति स्थापित करने की मांग की है।




पहले देखिए ये तस्वीरें-



जानकारी के मुताबिक, शहर के VIP चौक स्थित राम मंदिर के पास छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा लगी हुई थी। अज्ञात लोगों ने शनिवार देर रात मूर्ति को नुकसान पहुंचाया। सुबह घटना का पता चलने पर आसपास के लोग मौके पर जुट गए।
सूचना मिलते ही तेलीबांधा पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
महतारी की मूर्ति का सिर खंडित हुआ
दरअसल, इस मूर्ति की स्थापना छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना ने राम मंदिर तिराहा के पास की है। किसी असामाजिक तत्व ने मूर्ति को दीवार से उखाड़कर खंडित कर दिया है और सिर भी अलग हो गया है। इस घटना के बाद से छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना के सदस्यों में आक्रोश है। वे पुलिस से आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।

क्रांति सेना और पुलिसकर्मियों के बीच धक्कामुक्की
क्रांति सेना के सदस्यों ने जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने अतिरिक्त बल की मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए पुलिस गाड़ी में बैठाया गया। इस दौरान क्रांति सेना के नेता और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हुई। हालांकि, किसी को भी पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है।
वहीं, प्रदर्शनकारी नेताओं का कहना है कि पुलिस ने उन्हें जबरन हिरासत में लेने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो पाई। उन्होंने खुद ही छत्तीसगढ़ महतारी के सम्मान में गिरफ्तारी दी है।
आरोप- असंवेदनशील रवैया दिखा रही पुलिस
इस घटना को लेकर प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस-प्रशासन और सरकार इस घटना को लेकर असंवेदनशील रवैया दिखा रही है। पुलिस इस घटना के पीछे किसी मानसिक विक्षिप्त व्यक्ति का हाथ बता रही है, जो गलत है। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल का कहना है कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक पार्टी प्रदर्शन करेगी।
पुलिस ने दर्ज की FIR
एडिशनल एसपी ग्रामीण कीर्तन राठौर, सिविल लाइन CSP रमाकांत साहू और दो थानेदार समेत दर्जन भर पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रगहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में FIR दर्ज कर लिया गया है। आसपास के CCTV कैमरे की मदद से आरोपी की तलाश की जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
इस मामले में पुलिस ने बीएनएस की धारा 298 के अंतर्गत केस दर्ज किया है। इसके तहत किसी भी व्यक्ति के पूजा स्थल या किसी वर्ग, धर्म का अपमान या पवित्र वस्तु को नुकसान पहुंचाता है तो उसके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज होता है।
हर एक छत्तीसगढ़िया बेहद गुस्से में है- भूपेश बघेल
वहीं पूर्व CM भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि छत्तीसगढ़ की स्थापना की रजत जयंती पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ दी गई। राजधानी रायपुर के VIP रोड स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को तोड़ा जाना जनता का अपमान है। हर एक छत्तीसगढ़िया बेहद गुस्से में है। यह पूरी तरह अस्वीकार्य है।





