
सुप्रीम कोर्ट बोला- हर थाने में CCTV जरूरी:रिकॉर्डिंग जांचने के लिए कंट्रोल रूम बनें, जिसमें इंसानी दखल कम हो; फैसला 26 सितंबर को
By Dinesh chourasiya
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे की कमी से जुड़े मामले में सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि थानों में CCTV न होने से निगरानी में मुश्किल हो रही है
इस मामले में फैसला 26 सितंबर को आएगा। बेंच अपने आदेश में पुलिस स्टेशन और जांच एजेंसियों के दफ्तरों में CCTV कैमरे लगवाने को लेकर राज्यों और केंद्र सरकार को भी निर्देश दे सकती है।







जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि यह मुद्दा निगरानी का है। कल को अधिकारी थाने में कैमरे बंद कर सकते हैं, लेकिन हम ऐसा कंट्रोल रूम चाहते हैं, जिसमें इंसानी दखल कम से कम हो। जस्टिस संदीप मेहता ने कहा-

पुलिस थानों की भी प्राइवेट एजेंसी से जांच करवानी चाहिए। हम IIT’s को शामिल कर ऐसी सिस्टम बनाने पर विचार कर सकते हैं। वे हमें ऐसा सॉफ्टवेयर दें, जिससे हर सीसीटीवी फीड की निगरानी की जा सके। यह निगरानी भी मानवीय न होकर, पूरी तरह से AI बेस्ड हो।”हैंड




सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश…
- सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में सभी राज्यों को आदेश दिया था कि पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि मानवाधिकारों के उल्लंघन पर रोक लग सके।
- कोर्ट ने 2020 में भी कहा था कि सीसीटीवी कैमरे न सिर्फ पुलिस थानों में बल्कि CBI, ED और NIA जैसी जांच एजेंसियों के दफ्तरों में भी लगाए जाएं।
- इन आदेशों के तहत थानों के मेन गेट, एंट्रेंस-एग्जिट गेट, लॉक-अप, गलियारे, लॉबी, रिसेप्शन और लॉक-अप के बाहर तक हर हिस्से में कैमरे लगाए जाने थे।




