छत्तीसगढ़

टाटीबंध फ्लाईओवर  रायपुर-दुर्ग की ओर जाने वाले यात्रियों को मिली जाम से मुक्ति, बिलासपुर के लिए 6 महीनों का इंतजार

By Dinesh chourasiya

 

छत्तीसगढ़ के बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक टाटीबंध फ्लाईओवर बनकर तैयार हो गया है। जिसके एक हिस्से रायपुर से दुर्ग जाने वाले को NHAI ने आम जनता के लिए खोल दिया है। इसके अलावा रायपुर से बिलासपुर जाने वाली लेन का काम भी पूरा हो गया है, लेकिन इसे कुछ दिक्कतों के चलते आवाजाही के लिए बंद रखा गया है।

कोलकाता-नागपुर नेशनल हाईवे के एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में रायपुर शहर का ये टाटीबंध चौक पड़ता है। इस चौक पर फ्लाईओवर का काम भूमि अधिग्रहण के चलते लेटलतीफी से शुरू हुआ। प्रोजेक्ट के अधिकारियों ने इसका काम जनवरी 2023 में पूरा करने का दावा किया था, लेकिन जुलाई 2023 के अंत में भी सिर्फ दुर्ग से आरंग की ओर जाने वाले ओवरब्रिज को खोला गया है।

छत्तीसगढ़ के बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक टाटीबंध फ्लाईओवर बनकर तैयार हो गया है। –

बरसात में डामरीकरण का काम रुका

इस ओवरब्रिज के नीचे की सड़क का डामरीकरण अभी शुरू नहीं हो पाया है। ऊपर से जब इसे शुरू किया गया, तो बारिश का मौसम आ गया, जिससे डामरीकरण का काम बंद करना पड़ा। फिलहाल बारिश बंद होने पर सड़क का डामरीकरण, पेटिंग, लाइटिंग और क्रॉस बैरियर का काम पेंडिंग है। इसकी वजह से रायपुर से बिलासपुर या फिर दुर्ग से बिलासपुर जाने वाले यात्री फ्लाईओवर पर रॉन्ग साइड से जाने लगे थे। जिसके बाद अधिकारियों ने इस रूट को पूरी तरह से बंद कर दिया। शायद इस रूट के यात्रियों को अभी 6 महीने का और इंतजार करना पड़ेगा।

बारिश में यात्रियों को ज्यादा मुश्किलें

हर साल बरसात में टाटीबंध चौक का हाल बदहाल हो जाता है। यहां से कई टन के हैवी ट्रकों और ट्रेलर के गुजरने से यहां एक से डेढ़ फीट के बड़े-बड़े गड्ढे हो जाते हैं, जिनमें बरसात का पानी भरते ही ये बाइक सवारों के लिए जानलेवा साबित होते हैं। इसके अलावा यहां सड़कों की खराब कंडीशन से ट्रैफिक स्लो हो जाता है। जिसकी वजह से घंटों जाम लगा रहता है।

इन सबके अलावा इस फ्लाईओवर के निर्माण के चलते सड़क पर बड़ी मात्रा में धूल मिट्टी जमा हो जाती है, जिससे गाड़ियों के फिसलने और धंसने तक की नौबत आ जाती है। ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों की मानें तो यहां हर रोज तीन से चार गाड़ियां आपस में टकराती हैं।

दुर्ग से रायपुर की ओर पहली लेफ्ट टर्निंग बिलासपुर और दूसरी टर्निंग रायपुर सिटी और सीधा रास्ता रिंग रोड एयरपोर्ट रोड की तरफ जाता है। –

टाटीबंध चौक से रोजाना गुजरती हैं 45 हजार गाड़ियां

NHAI के किए सर्वे बताते हैं कि टाटीबंध चौक से हर रोज करीब 45 हजार गाड़ियां गुजरती हैं। इस चौक पर शाम के समय अधिक जाम लगता था, जिसके कारण रायपुर-भिलाई आने-जाने वाले लोगों को यहां औसतन आधे घंटे का समय लगता था, लेकिन अब ये यात्री आराम से निकल जाएंगे। इस प्रोजेक्ट के डायरेक्टर ए. राममूर्ति ने कहा कि टाटीबंध ओवरब्रिज से आरंग और भिलाई लेन को खोला गया है। फिलहाल बिलासपुर और रायपुर लेन को अभी नहीं खोला गया है, क्योंकि नीचे सड़क का काम अभी तक नहीं हो पाया है, जिसके चलते लोग रॉन्ग साइड से जा रहे थे।

बेहद व्यस्त चौराहा हादसे भी बहुत ज्यादा

टाटीबंध चौराहा बेहद व्यस्ततम चौराहा है। इस चौराहे से भिलाई, दुर्ग, धमतरी, बीरगांव, रायपुर, बिलासपुर, धमतरी समेत दूसरे राज्यों में भी आने-जाने के लिए लोग गाड़ियों का इस्तेमाल करते हैं। टाटीबंध चौक की पुरानी बनावट की वजह से अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है, इसलिए एनएचएआई चारों ओर नए ओवरब्रिज तैयार कर रहा है।

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