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छत्तीसगढ़ में SI अजय सिंह ने 10 हजार लेकर केस दबाया,लेनदेन का ऑडियो वायरल होने के बाद एक्शन, सस्पेंड

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में तैनात सब इंपेक्टर अजय कुमार सिंह पर 10 हजार रुपए लेकर केस दबाने का आरोप है। लेन-देन से जुड़ा ऑडियो भी सामने आया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ऐसे में प्रभारी एसपी नीरज चंद्राकर ने SI को सस्पेंड कर दिया है। मामला सिटी कोतवाली का है।

यह मामला महिला और उसके पति पर हुए हमले से जुड़ा है, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि जनपद अध्यक्ष सोहन ध्रुव और पूर्व जनपद उपाध्यक्ष प्रवीण यादव के नाम सामने आए हैं, जो कि भाजपा समर्थित हैं। आरोप है कि कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने पीड़ित परिवार पर ही केस दर्ज कर दिया और उसी केस को दबाने के नाम पर रिश्वत ली गई।

इस मामले में डीएसपी का नाम भी सामने आ रहा है। वहीं अब इस मामले में राजनीतिक रूप ले लिया है। पीड़ित परिवार के समर्थन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना भी सड़क पर उतर आई है। कार्रवाई की मांग को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने रैली निकाली। उनका कहना है कि एसआई पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, नहीं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

सब इंपेक्टर अजय कुमार सिंह की फाइल फोटो।

पीड़िता ममता किरण यादव ने इस पूरे मामले में आवेदन देकर एसपी से शिकायत की है। उन्होंने बताया कि होली के दिन (4 मार्च) उनके साथ और उनके पति के साथ मारपीट की गई। इसके बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया है और पति नंदकुमार यादव को आरोपी बना दिया।

पीड़िता का आरोप है कि आरोपी सोहन ध्रुव (जनपद अध्यक्ष) और प्रवीण यादव (पूर्व जनपद उपाध्यक्ष) जनप्रतिनिधि होने के कारण उन्हें संरक्षण प्रदान किया गया। उनका यह भी आरोप है कि पुलिस ने केस रफा-दफा करने का दबाव बनाया और रिश्वत की डिमांड की।

पीड़िता का कहना है कि एसआई अजय सिंह ठाकुर ने 20,000 रुपए की रिश्वत मांगी और कहा कि 10,000 रुपए पहले देने होंगे और बाकी 10,000 रुपए काम होने के बाद। इस मामले में थाना प्रभारी और डीएसपी स्तर के अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं। इस बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है।

प्रभारी एसपी नीरज चंद्राकर ने निलंबन के आदेश जारी किए हैं।

एसआई को निलंबित करने से न्याय नहीं मिलेगा

ममता यादव का कहना है कि कार्रवाई देर से हुई है। सिर्फ एसआई को निलंबित करने से न्याय नहीं मिलेगा। महिलाओं पर अत्याचार करने वाले नेताओं और उन्हें संरक्षण देने वाले अन्य पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। यदि महिला के साथ दुर्व्यवहार करने वाले नेताओं पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे प्रदर्शन करेंगे।

पहला ऑडियो: पैसे लेने की बात, काम नहीं होने की शिकायत

वायरल पहले ऑडियो में पीड़िता के पति नंदकुमार यादव एसआई से सवाल करता सुनाई देता है कि 10 हजार मांगे थे, दे दिए, फिर भी काम नहीं हुआ, हमें अंदर जाना पड़ा। इस पर एसआई कथित तौर पर जवाब देते हैं कि पैसा उन्हें नहीं मिला, बल्कि पूरा पैसा डीएसपी ने लिया है और वही पूरा मामला देख रहे हैं।

दूसरा ऑडियो: पैसे वापसी का भरोसा और ‘ऊपर’ तक लिंक

दूसरे ऑडियो में किरण यादव से बातचीत सामने आई है, जिसमें उप निरीक्षक “नंदू जी” का जिक्र करते हुए फोटो लाने को कहते हैं। जब महिला 10 हजार वापस दिलाने की बात करती है, तो एसआई कथित तौर पर कहते हैं“आ जाओ, डीएसपी से मिलवा दूंगा, पैसा वहीं है, वापस दिलवा देंगे।”

जांच डीएसपी को सौंपी

हालांकि ऑडियो वायरल होने के बाद प्रभारी एसपी नीरज चंद्राकर ने एसआई को सस्पेंड कर दिया है और डीएसपी को जांच सौंपी है। उन्हें 7 दिनों के भीतर प्रारंभिक जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

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