CG में कारोबारी ने पत्नी-बच्चों संग पिया जहर:सुसाइड नोट में लिखा- व्यापारियों ने 5 करोड़ लिए, वापस नहीं दे रहे, मारने की धमकी दी
By Dinesh Chourasiya

छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में उधार में दिए 5 करोड़ वापस नहीं मिलने पर कारोबारी ने अपने पूरे परिवार के साथ जहर पी लिया। सुसाइड की कोशिश के बाद चारों की हालत गंभीर बनी हुई है, उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना मंगलवार रात की है।







व्यापारी ने 3 पन्नों का सुसाइड नोट भी लिखा है, जिसमें 4 से 5 करोड़ के लेनदेन का जिक्र है। देनदारों ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया था। जान से मारने की धमकी भी दी। जिसके चलते वो मानसिक रूप परेशान थे। इसलिए व्यापारी ने आत्मघाती कदम उठा लिया। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, योगेश जैन (42) की लोहारा रोड स्थित भागो टोला के पास बिल्डिंग मटेरियल की दुकान है। 14 अप्रैल की रात ढाई बजे योगेश ने अपने बड़े भाई लक्ष्मीचंद को फोन कर जानकारी दी कि पत्नी सुमन जैन (37), बेटे प्रिंस (17) और बेटी तारिका (16) को उसने जहर (कीटनाशक) दे दिया, फिर खुद भी पी लिया।




सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और सभी को तुरंत निजी अस्पताल ले गए, जहां उनका इलाज जारी है।
सुसाइड नोट में करोड़ों के लेनदेन का जिक्र
पुलिस को घटना स्थल से 3 पन्नों का सुसाइड नोट मिला है। इसमें 4 से 5 करोड़ रुपए के लेनदेन की बात लिखी गई है। नोट में एक व्यक्ति पर 5 करोड़ रुपए से अधिक की राशि बकाया होने की बात कही गई है।
‘चार ट्रेडर्स’ के नाम पर 3.20 करोड़ दिए, नहीं लौटे पैसे
सुसाइड नोट के अनुसार, योगेश जैन ने साल 2020 से 2025 के बीच ‘चार ट्रेडर्स’ के नाम पर करीब 3 करोड़ 20 लाख रुपए दिए थे, लेकिन यह रकम उन्हें वापस नहीं मिली। रकम मांगने पर संबंधित व्यक्ति लगातार टालमटोल करता रहा।
योगेश के भाई लक्ष्मीचंद जैन ने बताया कि, सुसाइड नोट में ग्राम रेंगाखुर्द निवासी व्यापारी समसुद्दीन का नाम लिखा है, जिससे करोड़ों रुपए लेना बाकी था और जो पैसे लौटाने से इनकार कर रहा था।
समसुद्दीन कहने लगा कि, वापस नहीं करूंगा, जो करना है कर लेना। ज्यादा दबाओ डालेगा तो गाड़ी से उड़ाने की भी धमकी दी गई। इससे परेशान होकर मेरे भाई ने यह गंभीर कदम पूरे परिवार के साथ उठाया है।
अचेत हालत में चारों, बयान दर्ज नहीं
फिलहाल परिवार के सभी सदस्य अचेत अवस्था में हैं, जिसके कारण पुलिस अब तक किसी का बयान दर्ज नहीं कर पाई है। ऐसे में जांच में कई अहम पहलुओं की पुष्टि होना बाकी है। पुलिस का मानना है कि जब तक चारों में से किसी एक का भी बयान नहीं हो पाता, तब तक मामले की सच्चाई तक पहुंचना मुश्किल होगा।




