दुर्ग के बोरसी में धर्मांतरण विवाद, दो पास्टर गिरफ्तार:ओडिशा से आए मजदूरों को खाना-इलाज का लालच,प्रार्थना सभा में हिंदू देवी-देवताओं पर की अभद्र टिप्पणी
By Dinesh chourasiya
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के बोरसी में रविवार को धर्मांतरण को लेकर विवाद सामने आया। न्यू मन्नम नगर में एक घर में चल रही प्रार्थना सभा पर हिंदू संगठनों ने विरोध जताया। सूचना मिलने पर तहसीलदार प्रफुल गुप्ता और एसपी सुखनंदन राठौर मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने जांच के बाद दो पास्टर मनोहर तांडी और आकाश बसेरा को गिरफ्तार किया। दोनों पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है।







हिंदू जागरण मंच के नगर संयोजक प्रदीप सिन्हा ने बताया कि लेबर कॉलोनी क्षेत्र में लंबे समय से धर्मांतरण की गतिविधियां चल रही हैं। उनका आरोप है कि ओडिशा से आए मजदूरों को खाना खिलाने और बीमारी ठीक करने का लालच दिया जाता है। फिर उन्हें प्रार्थना सभाओं में शामिल कराया जाता है।
सिन्हा ने बताया कि ये गतिविधियां पिछले एक-दो साल से चल रही थीं। बीच में बंद हुईं और अब फिर शुरू हो गई हैं। उनका कहना है कि मौके पर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही जा रही थीं। संगठन की ओर से थाने में लिखित शिकायत भी की गई।
शिकायत पर केस दर्ज




थाना प्रभारी राजेंद्र लहरे ने बताया कि प्रदीप सिन्हा की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। इस शिकायत के आधार पर पदमनाभपुर थाने में धारा 299 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
यूनाइटेड क्रिश्चियन काउंसिल ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर यूनाइटेड क्रिश्चियन काउंसिल के जिला अध्यक्ष एम. जोनाथन जॉन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। उनका कहना है कि वहां किसी तरह का धर्मांतरण नहीं हो रहा था। उन्होंने कहा, पुलिस खुद मौके पर मौजूद थी, क्या उनके संज्ञान में किसी ने कहा कि धर्मांतरण हुआ है? यहां केवल सामान्य प्रार्थना सभा हो रही थी। कुछ असंवैधानिक लोग हर संडे को ऐसे आयोजनों को निशाना बनाते हैं और धर्मांतरण का मुद्दा गरमाते रहते हैं।
जॉन ने आरोप लगाया कि इस तरह की बातें बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि अगर ब्रेनवॉश कर धर्म परिवर्तन कराने की कोई क्षमता उनके पास होती, तो विरोध करने वालों को भी प्रभावित किया जा सकता था। उनके अनुसार यह सरासर झूठी और मनगढ़ंत बात है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोनों पास्टरों को कोर्ट में पेश किया गया है और आगे की कार्रवाई कोर्ट के आदेश के बाद तय होगी।






