
MP में मंत्री विजय शाह केस- धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक गिरफ्तार:सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई; कर्नल सोफिया को बताया था आतंकियों की बहन
By Dinesh chourasiya
कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह की याचिका पर सुनवाई होगी। शाह ने गुरुवार को जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एनके सिंह की बेंच के सामने तत्काल सुनवाई की मांग की थी। हालांकि कोर्ट ने इनकार कर दिया था।
साथ ही कोर्ट ने यह भी पूछा था कि आप हाईकोर्ट क्यों नहीं गए। आप किस तरह के बयान दे रहे हैं? देखना चाहिए कि कैसे हालात हैं? आप जिम्मेदार पद पर हैं, जिम्मेदारी निभानी चाहिए।







दरअसल 11 मई को मध्य प्रदेश के महू में विजय शाह ने ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी देने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकियों की बहन बताया था। फिर उसके बाद माफी मांगी।
इधर, भोपाल में राजभवन के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेस विधायकों को पुलिस ने जबरन उठा दिया और गिरफ्तार कर वैन में बैठा लिया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि सरकार का यही चेहरा है। कांग्रेस की मांग को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मामला कोर्ट में है। हम फैसले का इंतजार कर रहे हैं। कोर्ट का अपमान करना कांग्रेस की आदत रही है।
राजभवन के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेसी विधायक मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों का प्रतिनिधिमंडल आज राज्यपाल से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर मंत्री विजय शाह को बर्खास्त करने की मांग की। इसके बाद कांग्रेसी विधायक काले कपड़ों में राजभवन के बाहर धरने पर बैठ गए। बाद में उन्हें पुलिस ने जबरन उठाया और गिरफ्तार करके ले गई। हालांकि थोड़ी देर बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।





सिंघार ने पूछा- बीजेपी क्यों नहीं करना चाहती कार्रवाई
जेल से बाहर आने के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी निरंकुश हो गई है। जनप्रतिनिधि जनता की आवाज होता है। एक-एक विधायक तीन-तीन लाख वोटों वाले क्षेत्र से जीत कर आता है। मैं समझता हूं कि प्रदेश के विधायक जन भावनाओं को सामने रख रहे हैं। मीडिया ने भी इस बात को उठाया फिर भारतीय जनता पार्टी क्यों करवाई नहीं करना चाहती। क्या सेना का अपमान भारतीय जनता पार्टी नहीं समझती। क्या महिला का अपमान नहीं समझती। वह क्यों चुप बैठी है।




