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अक्षय तृतीया मिट्टी के गुड्डे-गुड़ियों से सजा बाजार:छत्तीसगढ़ में 200 करोड़ के कारोबार की उम्मीद, रायपुर में 58, बिलासपुर में 121 जोड़ों की शादी

By Dinesh chourasiya

देशभर में अक्षय तृतीया का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में इसे अक्ती तिहार के रूप मनाया जाता है। आज से विवाह के मुहूर्त की शुरुआत हो रही है। आज के दिन छत्तीसगढ़ में बिना समय और मुहूर्त देखे शुभ काम किए जाते हैं।

प्रदेश में अक्ती के दिन मिट्टी से बने गुड्‌डे-गुड़ियों की शादी पूरे रीति रिवाज से करने की परंपरा है। रायपुर के चौक-चौराहों पर गुड्‌डे-गुड़ियों के बाजार सजे हैं। यहां पोशाक, माला, मंडप के सामान भी बिक रहे है। साथ ही सराफा बाजार में भी अक्षय तृतीया को लेकर उत्साह है। 200 करोड़ के कारोबार की उम्मीद है।

आज का दिन शादियों के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इसलिए रायपुर में साहू समाज 58 जोड़ों की शादी करवा रहा है, बिलासपुर में भी महामाया मंदिर ट्रस्ट रतनपुर की ओर से 121 जोड़ों की शादी करवाई जा रही है।

दाम बढ़ने के बाद भी सराफा बाजार में व्यापार अच्छा

अक्षय तृतीया को धातुओं की खरीदारी के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। रायपुर के सराफा बाजार में भी अक्षय तृतीया को लेकर जबरदस्त तैयारी है। सोने-चांदी की कीमत में भारी बढ़ोतरी के बावजूद सराफा करोबारी भी अच्छे व्यापार की उम्मीद कर रहे हैं।

रायपुर सराफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू ने बताया कि आज के दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन की खरीदी बहुत शुभ होती है। इसलिए हमें बाजार में रौनक देखने को मिल रही है। बड़ी संख्या में ग्राहकों ने एडवांस बुकिंग भी कराई है।

जिस तरह दीपावली में धनतेरस के दिन अच्छा व्यापार होता है। इस तरह से अक्षय तृतीया के मौके पर भी अच्छा व्यापार होता है। सोने और चांदी के दाम बढ़े हुए हैं। लेकिन ग्राहक अपने बजट के अनुसार आभूषण लेने पहुंच रहे हैं। वहीं व्यापारी भी सोने और चांदी में निवेश कर रहे हैं।

अपने आप में सिद्ध मुहूर्त

पंडित मनोज शुक्ला ने बताया कि अक्षय तृतीया अअपने आप में सिद्ध मुहूर्त होता है आज के दिन बिना किसी शुभ मुहूर्त देखे विवाह की परंपरा है। इस दिन गृह प्रवेश, सगाई, जैसे कई शुभ कार्य किए जाते हैं। आज से विवाह के मुहूर्त की शुरुआत हो गई है। मई का पूरा दिन और जून के पहले सप्ताह में विवाह के शुभ योग बने रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में आज के दिन होती है ये परंपरा

पंडित मनोज शुक्ला के मुताबिक आज के दिन में अपने पितरों को तर्पण भी करते हैं। वहीं शिवालयों और मंदिरों में घाट दान करने की परंपरा है।

आज के दिन सभी देवी, देवताओं पर जल अर्पित किया जाता है। क्योंकि गर्मियों के दिन शुरू हो गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान पेड़-पौधे, गो-धन और कृषि औजारों‎ की पूजा करते हैं। लोग अपने घरों में गुड्डे गुड़ियों का विवाह बहुत धूमधाम से करते हैं।

हरदिहा साहू समाज सामूहिक विवाह

रायपुर के कांदुल में आज हरदिहा साहू समाज की ओर से सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। समाज के अध्यक्ष विनय कुमार साहू ने बताया कि आज समाज के 58 जोड़ों की शादी करवाई जाएगी। शाम 4 बजे से बारात सामाजिक भवन के परिसर में पहुंचेगी और गोधुलि बेला में मंत्रोच्चार के साथ पाणिग्रहण होगा।

बिलासपुर में 121 जोड़ों की शादी

वहीं सिद्ध शक्तिपीठ महामाया देवी मंदिर पब्लिक ट्रस्ट रतनपुर 121 जोड़ों की शादी करवा रहा है। हर साल ट्रस्ट अक्षय तृतीया के मौके पर ये जिम्मेदारी निभाता है। विवाद के बाद वर-वधु को आभूषण, कपड़े, बर्तन और 5 हजार रुपए उनके खाते में भी जमा करवाया जाता है।

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