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भिलाई में 1100 से अधिक ध्वजवाहकों का सम्मान एक मुट्ठी दान प्रभु श्रीराम के नाम” संकल्प के साथ रामनवमी की तैयारी शुरू

By Dinesh chourasiya

ध्वजवाहक सम्मान समारोह - Dainik Bhaskar

रामनवमी का पर्व अब नजदीक है। इसे देखते हुए दुर्ग जिले में भी तैयारियां पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ शुरू हो चुकी हैं। इसी कड़ी में भिलाई के सेक्टर-2 स्थित दुर्गा पंडाल में श्रीराम जन्मोत्सव समिति की ओर से ध्वजवाहक सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया।

छत्तीसगढ़ के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीराम जन्मोत्सव समिति के संरक्षक प्रेम प्रकाश पांडेय भी इस आयोजन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि हर साल की तरह इस बार भी उनकी समिति “एक मुट्ठी दान प्रभु श्रीराम के नाम” अभियान के साथ रामनवमी के आयोजन को आगे बढ़ाएगी। इसके तहत समिति के लोग घर-घर जाकर लोगों से एक मुट्ठी दान मांगेंगे।

40 वर्षों से चली आ रही परंपरा

लोगों से मिले दान को मिलाकर ही समिति रामनवमी का भव्य आयोजन किया जाएगा। ऐसा समिति पिछले 40 सालों से लगातार करती आ रही है। इसके साथ ही समिति हर साल अलग-अलग मंदिरों से ध्वज लेकर चलने वाले ध्वजवाहकों का सम्मान करती है। इस बार भी 1100 से अधिक ध्वजवाहकों को सम्मानित किया गया।

ये ध्वजवाहक रामनवमी के दिन आयोजित ध्वज यात्रा में शामिल होते हैं और नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए श्रीराम के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहते हैं। ऐसे ही ध्वज वाहकों के सम्मान के लिए सेक्टर-2 में ध्वजवाहक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जहां सभी ध्वजवाहकों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में शामिल शहर के लोग

यह परंपरा धार्मिक और सामाजिक समरसता का प्रतीक

ध्वजवाहकों को सम्मानित करते हुए प्रेम प्रकाश पांडेय ने कहा कि यह परंपरा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष रामनवमी आयोजन का 40वां वर्ष पूर्ण हो रहा है। रामनवमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी आस्था और संस्कृति का उत्सव है, जो हमें एकता और भक्ति की प्रेरणा देता है।

घर घर जाकर लेंगे एक मुट्ठी दान

उन्होंने कहा कि आज से रामनवमी तक ‘एक मुट्ठी दान श्रीराम के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत श्रीराम जन्मोत्सव समिति के कार्यकर्ता भिलाई और दुर्ग के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर घर-घर श्रद्धालुओं से एक मुट्ठी अनाज का दान लेंगे। इस अभियान से एकत्रित अनाज से जरूरतमंदों की मदद की जा सके और रामनवमी के पावन अवसर पर सामाजिक सेवा का भी संदेश दिया जा सके।

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