भिलाई के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल सुपेला का कलेक्टर ने किया निरीक्षण, ड्यूटी से गायब मिली फिजियोथेरेपिस्ट गंदगी देख भड़के कलेक्टर नपेगी महिंद्रा शोरूम की जमीन
By Dinesh chourasiya
दुर्ग जिले के कलेक्टर अभिजीत सिंह ने शनिवार देर शाम लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय (सुपेला अस्पताल) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान फिजियोथेरेपिस्ट ड्यूटी से नदारद मिली। इस पर उन्होंने कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके साथ कई अन्य कमियों को लेकर डॉक्टरों को फटकार लगाई।
अभिजीत दुर्ग कलेक्टर बनने के बाद पहली बार सुपेला अस्पताल निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ CMHO डॉ. मनोज दानी मौजूद रहे। कलेक्टर ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. पियाम सिंह के साथ अस्पताल के हर एक वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दवा, ब्लड बैंक और ऑक्सीजन सप्लाई और उसकी उपलब्धता को भी देखा।







निरीक्षण के दौरान कलेक्टर फीमेल मेडिकल वार्ड में पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि बेड पर गंदी चादर डली है। पूछने पर मरीज ने बताया कि तीन दिन से चादर नहीं बदली गई है। इस पर कलेक्टर ने डॉ. पियाम सिंह को इस व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
साथ ही साथ उन्होंने अस्पताल में पसरी गंदगी और पान गुटखा के दाग को देखकर भी नाराजगी जताई।

फिजियोथेरेपिस्ट मिली नदारद




निरीक्षण के दौरान कलेक्टर जब फिजियोथेरेपी OPD में पहुंचे तो वहां ताला लगा मिला। पूछने पर डॉ. पियाम ने बताया कि मैडम रायपुर में रहती है। वो ड्यूटी आती है और दिन में ही रायपुर लौट जाती है।
इससे शाम को OPD वो कभी भी अटेंड नहीं करती। उन्होंने बताया कि उन्हें इसे लेकर कई नोटिस भी दिया जा चुका है, लेकिन वो शाम को मरीज ना आने की बात बोलकर ड्यूटी नहीं आती। इस पर कलेक्टर ने फिजियोथेरेपिस्ट के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
अस्पताल से बाहर होगा OST सेंटर
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को बताया गया कि अस्पताल के अंदर OST सेंटर संचालित होने से अस्पताल में नशे के आदी लोग पहुंचते हैं। उनके द्वारा अस्पताल में चोरी करने के साथ ही गाली-गलौज और झगड़ा किया जाता है।
इस पर कलेक्टर ने सीएमएचओ को निर्देश दिया कि वो जल्द से जल्द प्रस्ताव बनाकर भेजें और OST सेंटर को मरचूरी के बगल से बनी बिल्डिंग में शिफ्ट किया जाए।
नपेगी महिंद्रा शोरूम की जमीन
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर से शिकायत की गई कि महिंद्रा शोरूम की बिल्डिंग के बगल से अस्पताल की जमीन पर अतिक्रमण करके शेड बना लिया गया है। यदि ये शेड टूटकर यहां रोड बन जाए तो ये सड़क सीधे मरचुरी के लिए जाएगी और इससे मरीजों को सुविधा होगी।
इस पर कलेक्टर ने महिंद्रा शोरूम और अस्पताल की जमीन का सीमांकन करने का निर्देश दिया है।
संविदा कर्मचारियों को कलेक्टोरेट दर पर पैसे की मांग
अस्पताल में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने कलेक्टर से मांग की उन्हें जो वेतन जीवनदीप समिति से मिल रही है वो काफी कम है, जबकि काम रेगुलर कर्मचारी के बराबर लिया जाता है। इस पर कलेक्टर ने आवेदन लिया और कर्मचारियों को जल्द कलेक्टर दर पर वेतन देने की बात कही।




