छत्तीसगढ़ को केंद्रीय बजट से क्या मिला?:बिहार पर फोकस छत्तीसगढ़ को इन-डायरेक्ट ही फायदा; CM बोले-मिडिल क्लास को मिलेगी राहत
By Dinesh chourasiya
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को देश का बजट पेश किया, लेकिन पूरे भाषण में कहीं भी छत्तीसगढ़ के लिए कोई विशेष योजना का जिक्र नहीं किया गया। हालांकि, युवा, किसान और महिलाओं के लिए जो घोषणाएं की गई हैं, उनका फायदा छत्तीसगढ़ को भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि इस बजट से मध्यम वर्गों को राहत मिली है। जबकि कांग्रेस का कहना है कि बजट से छत्तीसगढ़ के लोगों को कोई सीधा फायदा नहीं मिलेगा। इसमें महंगाई और बेरोजगारी कम करने का कोई रोडमैप नहीं है।







कुछ ऐलान जिसका फायदा छत्तीसगढ़ को भी मिलेगा
- सरकार ने आधारभूत संरचना के विकास के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपए के प्रावधान की घोषणा की है। इसका छत्तीसगढ़ को भी फायदा होगा। इस फंड से राज्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा और असंगठित क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार ने स्टार्टअप योजना का प्रावधान किया है। छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति और जनजाति बाहुल्य राज्य है, इसलिए यहां की महिलाओं को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।
- बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचे) के विकास के लिए केंद्र राज्यों को 1.5 लाख करोड़ रुपए कर्ज देगा। ये कर्ज ब्याज-मुक्त होगा। बाकी राज्यों के साथ छत्तीसगढ़ को भी इसका हिस्सा मिलेगा।
- केंद्र सरकार की ओर से किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए की है। छत्तीसगढ़ के किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने क्या कहा-





यह बजट मध्यम वर्ग और किसानों को राहत देने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेश किया गया बजट देश के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई।

कांग्रेस ने कहा – ‘झूठे वादे, खोखले दावे का बजट’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि यह अर्थव्यवस्था को गर्त में ले जाने वाला बजट है और इसमें महंगाई और बेरोजगारी कम करने का कोई रोडमैप नहीं है।
- एमएसपी की कानूनी गारंटी और किसानों को लागत पर 50% लाभ देने का कोई जिक्र नहीं।
- बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए वहां के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा की गई, लेकिन छत्तीसगढ़ को अनदेखा कर दिया गया।
- रायपुर-बलौदा-रायगढ़ रेल लाइन और रावघाट प्रोजेक्ट के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया।
- बेरोजगारी और महंगाई को कम करने के लिए कोई ठोस नीति नहीं लाई गई।
- सरकारी नौकरियों में लाखों रिक्त पदों को भरने के लिए कोई कार्ययोजना नहीं बनाई गई।
- एमएसएमई सेक्टर के लिए कर्ज की लिमिट बढ़ाने की घोषणा तो की गई है, लेकिन छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए कोई ठोस राहत नहीं दी गई।
बजट में बिहार को प्राथमिकता
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार का पूरा फोकस इस साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव पर है।
- केवल बिहार के लिए मखाना बोर्ड की घोषणा की गई, जबकि देश के अन्य किसानों को इस तरह की किसी योजना का लाभ नहीं मिला।
- छत्तीसगढ़ में नई राजधानी क्षेत्र में एम्स प्रोजेक्ट अटका हुआ है, लेकिन बजट में उसके लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया।
- राज्य की अधूरी पड़ी रेलवे परियोजनाओं के लिए भी कोई विशेष घोषणा नहीं हुई।
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