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रायपुर में 2500 बाहरी लोगों का वेरिफिकेशन, 224 पर एक्शन:आधार-कार्ड संदिग्ध, पूछताछ में भी साफ जवाब नहीं; डिप्टी सीएम बोले-ये जनता के लिए खतरा

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ में होने वाले नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर है। रायपुर पुलिस गुरुवार को जिले के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले ढाई हजार से अधिक लोगों उठाकर पुलिस लाइन लेकर आई। ज्यादातर लोग दूसरे राज्य के रहने वाले हैं।

पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड जैसे राज्यों के इन लोगों का पुलिस ने आधार कार्ड और वेरिफिकेशन किया है। इनमें से 224 लोगों के खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई भी की है। पूछताछ में इनकी गतिविधि संदिग्ध मिली है।

आधार कार्ड दिखाकर अपना फॉर्म भरवाते लोग।

डिप्टी सीएम साव बोले- आम लोगों के लिए खतरा

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अवैधानिक रूप से रह रहे लोगों के कारण लॉ एंड ऑर्डर समेत कई परेशानियां होती है। कानून व्यवस्था के साथ ये आम लोगों के लिए भी खतरा हैं। जिनकी कोई आइडेंटिटी नहीं है। कहां से आए हैं? कौन है, क्या करते हैं। इन सब बातों को ध्यान में रखकर प्रशासन ने इस पर बहुत गंभीरता से ध्यान दिया है। जो भी अवैध रूप से रह रहे होंगे। उन पर कार्रवाई निश्चित रूप से होनी चाहिए।

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बाकी लोगों को छोड़ा गया

सभी से एक-एक कर पूछताछ की गई। उनके रायपुर में रहने, काम करने और बाकी गतिविधि को लेकर पूछताछ की गई। साथ ही लोगों से वेरिफिकेशन फॉर्म भरवाया गया। कुछ लोगों ने पूछताछ के दौरान स्पष्ट जवाब नहीं दिया। साथ ही कुछ लोगों के आधार कार्ड भी संदिग्ध लगे। ऐसे लोगों को आईडेंटिफाई किया गया है। ASP ने बताया कि फिलहाल पूछताछ के बाद सभी लोगों को छोड़ दिया गया है।

पुलिस ने एक-एक करके सभी से पूछताछ कर उनसे वेरिफिकेशन फॉर्म भरवाया।

दूसरे राज्य के लोगों ने नहीं दी थी थाने में जानकारी

रायपुर एडिशनल एसपी लखन पटले ने बताया कि, कई माध्यम से जानकारी मिल रही थी कि रायपुर जिले के थाने क्षेत्र में दूसरे राज्यों से आकर लोग रहे हैं। उनकी जानकारी थाने में नहीं थी। हमें जानकारी मिली थी कि कई लोग संदिग्ध गतिविधियों में शामिल थे। रायपुर में पहले जो अपराध और लूट जैसी गतिविधियां हुई हैं उसमें कुछ बाहरी लोग भी शामिल रहे हैं। जिसके बाद हमने यह अभियान शुरू किया है।

आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी मंगवाई जा रही

दूसरे राज्य से रहने वाले लोगों की जानकारी संबंधित राज्यों में भेजी जाएगी। मुसाफिर रोल भेजा जाएगा। क्रिमिनल रिकॉर्ड या उनकी कोई हिस्ट्री वहां रही है या नहीं जानकारी मांगी जाएगी। कोई संदेही गतिविधियों में पाया जाता है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस लाइन में कतार में खड़े लोग।

रात से चल रही कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि, बुधवार रात से यह अभियान छेड़ा गया था, क्योंकि फेरी वाले और अन्य काम करने वाले लोग सुबह जल्दी निकल जाते हैं। तो आधी रात से लोगों को संबंधित थाने ले आए और थाने से बस में बैठाकर उन्हें पुलिस लाइन लाया गया और यहां सभी का वेरिफिकेशन चल रहा है।

कुछ लोग संदिग्ध पाए गए हैं, उनकी जांच की जा रही है। उनके राज्यों से भी संपर्क किया जा रहा है। उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

लोगों ने क्या कहा-

मोहम्मद जुनैद काजी ने कहा, झारखंड बोकारो रायपुर इलाज करवाने के लिए आए थे। पुलिस सुबह से लॉज से उठाकर ले आई है। पहले भी रायपुर के एक दो अस्पताल में चेकअप करवाया हूं।

यूपी के बरेली के रहने करण सिंह ने कहा, प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी जो रेलवे प्रोजेक्ट में काम करती है उसमें काम करते हैं। बरेली के ही विजय ने कहा कि, हम सभी सो रहे थे। पुलिस ने गाड़ियां बुलाई और सीधे बैठ कर यहां ले आए हैं। हमने ब्रश तक नहीं किया मुंह नहीं धोया है ऐसे ही आ गए हैं।

उत्तरप्रदेश पीलीभीत के रहने वाले राकेश कुमार ने कहा, सुबह ब्रश कर रहा था उसी दौरान पुलिस लेकर आ गई। अगर बताया होता तो हम पहले ही सारे दस्तावेज जमा कर देते। ठीक से कपड़े भी पहनने नहीं दिए। मोबाइल तक रूम में छूट गया है।

लोगों को खिलाया गया पोहा

पुलिस तड़के सुबह से ही लोगों को अलग-अलग इलाकों से पकड़ लाई थी। वेरिफिकेशन के काम में हो रही देरी को देखते हुए पुलिस ने सभी लोगों के लिए नाश्ते की व्यवस्था की। सभी लोगों को पोहा खिलाया गया है। इसके बाद लोगों को छोड़ दिया गया।

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