भिलाई में मसीही समाज की चंगाई सभा स्थगित:राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु का दौरा कार्यक्रम के चलते जिला प्रशासन और हाईकोर्ट ने नहीं दी अनुमति
By Dinesh chourasiya

भिलाई के सेक्टर 7 में होने वाली मसीही समाज की ‘चंगाई सभा’ को स्थगित कर दिया गया है। समाज ने यह निर्णय हाईकोर्ट के आदेश के बाद लिया है। अब यह कार्यकर्म बाद में आयोजित किया जा सकता है।
महीसी समुदाय के द्वारा भिलाई में 23 और 24 अक्टूबर को पंजाब के पास्टर बाजिंदर सिंह की चंगाई सभा का आयोजन भिलाई में किया था। समाज ने आयोजन की अनुमति के लिए जिला प्रशासन में अनुमति के लिए आवेदन किया था। जैसे ही इसकी जानकारी छत्तीसगढ़ बजरंग दल और सिख समाज ने इसका विरोध कर दिया।








सिख समाज ने भी आयोजन का जमकर विरोध किया था। सिख समाज दुर्ग एवं भिलाई के लोगों ने आयोजन में धर्म परिवर्तन की शंका जाहिर करते हुए कार्यक्रम को अनुमति नहीं देने की मांग की थी। जिसके बाद यह मामला काफी तुल पकड़ने लगा।
विरोध के बाद दुर्ग कलेक्टर के निर्देश पर यह कहते हुए अनुमति नहीं दी गई की राष्ट्रपति का भिलाई में दौरा कार्यक्रम है। इसलिए सुरक्षा को देखते हुए यह आयोजन नहीं आयोजित किया जा सकता है।
हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन के निर्णय को बताया सही




छत्तीसगढ़ बजरंग दल के पदाधिकारियों ने आयोजन के विरोध में कलेक्टोरेट में जमकर प्रदर्शन कर कलेक्टर रिचा प्रकाश चौधरी को ज्ञापन सौंपा था। विरोध और आईआईटी भिलाई में होने वाले राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु के आगमन की सुरक्षा व्यवस्थआ को देखते हुए जिला प्रशासन ने कार्यक्रम करने आयोजकों को अनुमति नहीं दी थी।
इसके बाद आयोजक हाईकोर्ट की शरण में गए, लेकिन कल ही हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन के निर्णय को सही बताया औऱ् कार्यक्रम को रद्द करने के आदेश दिए।
आयोजन में धर्मांतरण कराने की आशंका
इस पूरे मामले में छत्तीसगढ़ बजरंग दल मातृशक्ति संयोजक ज्योति शर्मा और विभाग संयोजक रवि निगम का कहना है कि पास्टर बाजिंदर सिंह पर पहले भी धर्मांतरण और छेड़खानी के मामले दर्ज हैं। ऐसे में भिलाई में चंगाई सभा कर ये लोग लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने की ताक में थे, लेकिन हम इनके मंसूबों को कामयाब नहीं होंने देंगे।




