
उसके बाद जनरेटर लगाने चारदीवारी के पास बनाए गए एक शेड के पिछले हिस्से की टिन की झोपड़ी में उसकी लाश फांसी पर लटकी मिली. शेड के पीछे और आसपास झाड़ियां होने के कारण यह झोपड़ी दूर से नजर नहीं आती. आमानाका थाना पुलिस के मुताबिक एम्स के बाहर रोड पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की. 5-6 सितंबर की दरम्यानी रात को 12 घंटे के रिकॉर्ड चेक किए गए. मरीज अस्पताल कैम्पस से निकलते नहीं दिखा. इसी आधार पर एम्स के कैम्पस के भीतर ही जांच करवाई गई. तब मृतक का शव मिला. हालांकि अब पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है.












