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भिलाई में इंदु आईटी स्कूल के पीछे अवैध प्लाटिंग पर निगम की कार्यवाही बिना नगर निगम और टीएनसी की परमिशन के काट रहे थे प्लाट, निगम का चला बुलडोजर

By Dinesh chourasiya

भिलाई नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत शांति नगर इंदु आईटी स्कूल के पीछे धड़ल्ले से अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। निगम के जोन 2 की टीम मौके पर पहुंची और उस पर कार्रवाई की गई। निगम ने बुलडोजर चलाकर वहां मुरुम डालकर बनाई गई मार्ग संरचना को बिगाड़ा गया और मुरुम को जब्त किया गया।

भिलाई नगर निगम से मिली जानकारी के मुताबिक उन्हें शिकायत मिली थी कि शांति नगर इंदु आई.टी. स्कूल के पीछे वाले भाग में अवैध प्लाटिंग की जा रही है। धड़ल्ले से प्लाट काट कर मुरम गिराकर रोड का निर्माण किया जा रहा है। जिसका परमिशन नगर निगम भिलाई एवं टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग से नहीं लिया गया है।

निगम कमिश्नर ने भवन अनुज्ञा विभाग की टीम और तोड़ फोड़ दल मौके पर पहुंचकर रोड निर्माण के कार्य को रुकवाया। येशा लहरे ने कहा कि लोग दलाल के बहकावे में आकर कहीं भी प्लाट खरीद लेते हैं। इसके बाद उन्हें प्लाट पर मकान या दुकान बनाने का परमिशन नहीं मिलता है, तो बाद में परेशान होते हैं। इसलिए प्लाट खरीदते समय सभी सचेत रहें।

मुरुम डालकर बनाई गई रोड को उखाड़ते निगम के अधिकारी

कार्रवाई के दौरान भवन अनुज्ञा विभाग से सब इंजिनियर दौलत चंद्राकर, शहबाज खान, जोन 2 के राजस्व अधिकारी जे.पी.तिवारी एवं निगम के तोड़फोड़ दस्ता दल उपस्थित रहा।

प्लाट खरीदने से पहले ले निगम से जानकारी

जोन 2 आयुक्त येशा लहरे ने बताया कि निगम आयुक्त ने बार-बार दिशा निर्देश जारी किया है कि कोई भी व्यक्ति निगम क्षेत्र में प्लाट खरीदने से पहले नगर निगम भिलाई के भवन अनुज्ञा शाखा में आकर संपर्क कर लें। वह जो प्लाट खरीद रहा है, जो मकान या दुकान बनाने के लिए उसका परमिशन मिलेगा की नहीं। फिर भी लोग नगर निगम भिलाई या पटवारी कार्यालय या टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग जाकर यह परीक्षण नहीं करवा रहे हैं कि उनके द्वारा खरीदा जाने वाला प्लाट सही है या नहीं।

इंदू आईटी स्कूल के पीछे सरकारी जमीन पर प्लाटिंग

निगम ने शांति नगर सड़क 26 में जाकर अवैध प्लाटिंग पर तो कार्रवाई कर दी, लेकिन उससे कुछ दूर पर इंदू आईटी स्कूल के पीछे सरकारी जमीन खसरा क्रमांक 5242 पर अवैध प्लाटिंग की जा रही है। उस पर निगम ध्यान नहीं दे रहा है। नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा का कहना है कि उन्होंने आयुक्त के संज्ञान में ये मामला लाया है। इस पर उन्हें कार्रवाई जरूर करनी चाहिए, क्योंकि ये जमीन नजूल की है।

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