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CG में ट्रांसपोर्टर्स और ट्रक ड्राइवरों की की हड़ताल  : अहिरवारा से कवर्धा मार्ग पर किया चक्काजाम, वाहनों की लगी लंबी कतारें नंदिनी पुलिस ट्रक ड्राइवरो को समझने की कोशिश कर रही है

By Dinesh chourasiya

हड़ताली ट्रक ड्राइवरों ने सड़क पर ट्रक खड़ा कर किया चक्का जाम - Dainik Bhaskar

देश में लागू हुए नए हिट एंड रन कानून के खिलाफ ट्रांसपोर्टर्स और ट्रक ड्राइवर हड़ताल पर चले गए हैं। छत्तीसगढ़ के सभी ट्रक ड्राइवर्स 3 दिन की हड़ताल पर हैं। नए साल के पहले दिन इस हड़ताल ने दुर्ग जिले में उग्र रूप ले लिया है। यहां जेके लक्ष्मी सीमेंट प्लांट पर लगे ट्रक ड्राइवरों ने अपने ट्रकों को अहिरवारा से कवर्धा जाने वाले मार्ग के बीच में खड़ा करके चक्काजाम कर दिया है। इससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।

ट्रक चालकों द्वारा चक्काजाम कर देने से लोग खासे परेशान हैं। लोगों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, तो ट्रक चालकों ने जाम खोलने से मना कर दिया। उनका कहना है कि वो लोग कम पढ़े-लिखे हैं। उनकी पहुंच केंद्र सरकार तक नहीं है, इसलिए उन्होंने चक्काजाम किया है। इससे बड़े लोग परेशान होंगे, तो वो लोग उनकी आवाज को केंद्र में बैठी सरकार तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कार और बाइक चालकों से भी कहा कि ये कानून उन पर भी लागू होता है, इसलिए उन्हें भी हड़ताल पर बैठना चाहिए।

चक्काजाम करने से अन्य वाहन चालक नए साल पर हुए परेशान।

सुबह साढ़े 9 बजे से लगा जाम, पुलिस को दी गई सूचना

हड़ताली ट्रक ड्राइवरों ने सुबह 9.30 बजे अपने ट्रकों को सड़क पर खड़ा करके चक्का जाम कर कर दिया।किसी ने नंदिनी पुलिस को फोन करके मामले की सूचना दी। खबर लिखे जाने तक पुलिस मौके पर पहुंच गई है। उन्हें समझाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके चलते सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।

क्या है हिट एंड रन कानून

केंद्र सरकार ने देश में नया हिट एंड रन कानून लागू किया है। इसके खिलाफ ट्रांसपोर्टर और ट्रक ड्राइवर हड़ताल पर चले गए हैं। उनका कहना है कि भारतीय न्याय संहिता 2023 में हुए संशोधन के बाद हिट एंड रन के मामलों में दोषी ड्राइवर पर 7 लाख रुपए तक का जुर्माना और 10 साल तक कैद का प्रावधान किया गया है।

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) ने हिट एंड रन कानून को सख्त बनाने का विरोध किया है। उनका कहना है कि देश की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा योगदान परिवहन क्षेत्र और ट्रक चालकों का है। भारत इस समय वाहन चालकों की कमी से जूझ रहा है, लेकिन सरकार का इस और कोई ध्यान नहीं है। ऐसे में 10 साल की सजा के प्रावधान के बाद अब ट्रक ड्राइवर नौकरी छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।

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