छत्तीसगढ़

भिलाई के सेक्टर- 5 में सजा सांई बाबा का दरबार, भक्तों में बाटी  गई दाल, बाटी चूरमा की प्रसाद 

By Dinesh chourasiya

शरद पूर्णिमा का पर्व शनिवार को मनाया गया। लेकिन शाम 4 बजे के बाद से सूतक लगने की वजह से इस बार मंदिरों में पूजा और जगह-जगह खीर प्रसाद का वितरण नहीं हो सका। मंदिरों के पट दोपहर 12 बजे से ही बंद हो गए थे।

इधर बंगाली समाज के घरों और सभी कालीबाड़ियों में कोजागरी पूजा यानी लक्ष्मी पूजा पूरे भक्ति भाव से की गई। घरों में चावल आटे से अल्पना सजाकर मां लक्ष्मी का स्वागत किया गया। दुर्गा पूजा पंडालों में खीर बनाई गई। साथ ही दिनभर गृहणियों ने निर्जला व्रत रखकर मां लक्ष्मी की कथा सुनी। एशो मां लोक्खी, का जाप कर माता को घर में विराजने प्रार्थना की। परिवार के सुख, समृद्धि की कामना की। इसी तरह महाराष्ट्रीय समाज ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रमांे के साथ कोजागरी उत्सव मनाया। महीनेभर का कार्तिक स्नान शुरू हुआ। इधर अन्य समाज के लोगों ने भी दिन में ही पूजा पूरी की। सेक्टर-5 के सांई दरबार में भक्तों के लिए महाप्रसादी का आयोजन किया गया। इसमें बाहर से भी भक्त पहुंचे। सेक्टर-6 कालीबाड़ी में मां लक्ष्मी की प्रतिमा।

कार्तिक स्नान शुरू , पूर्णिमा तक रोज होगा पुण्य स्नान बंगाली समाज की महिलाओं ने शाम के समय मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना के बाद सुगंधित फूल चढ़ाया। महाराष्ट्रीयन समाज में शरद पूर्णिमा से ही एक माह के पवित्र कार्तिक स्नान की शुरुआत भी की गई। समाज के लोगों कार्तिक पूर्णिमा तक रोजाना पुण्य स्नान की परंपरा है। इसके अलावा दिन में सूतक लगने से पूर्व विभिन्न स्थानों पर पूजा भी की गई।

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