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दुर्ग जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही:जिला अस्पताल में खराब मशीन से की जा रही थी ईसीजी, मोतियाबिंद के 20 ऑपरेशन टालने पड़े

By Dinesh chourasiya

  • ओपीडी और मेडिकल वार्ड की मशीन खराब थी, स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को इसका पता ही नहीं था

जिला अस्पताल में खराब पड़ी मशीनों से मरीजों का ईसीजी किया जा रहा था। ओपीडी ब्लाॅक के कमरा नंबर-9 और फिमेल मेडिकल वार्ड दोनों जगह खराब ईसीजी मशीन से लोगों की जांच की जा रही थी। वह तो अच्छा हुआ कि ऑपरेशन से ठीक पहले रिपोर्ट फिजिशियन ने गलती पकड़ ली। इसकी वजह से माेतियाबिंद के 20 ऑपरेशन टालने पड़ गए।

मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने पहुंचे मरीजों ने यहां ईसीजी कराकर रिपोर्टिंग के लिए फिजिशियन को दिखाया तो उन्होंने गलती पकड़ा। ओपीडी नंबर-9 की ईसीजी मशीन की रिपोर्ट गलत बताते हुए उन्होंने मरीजों को दूसरे कमरे में रखी मशीनों से ईसीजी कराने कहा। इस पर मरीजों ने क्षेत्रीय नेत्र सहायक अधिकारी संतोष सोनवानी और वोकेश्वर ठाकुर को सूचना दी। इसी बीच बहुद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष एसएन राव वहा पहुंच गए। सभी मरीजों को लेकर बगल के फिमेल मेडिकल वार्ड पहुंचकर एक-एक कर सभी का ईसीजी कराया।

दो-दो मशीन खराब रहना, यह बड़ी लापरवाही, शिकायत की है
जिले का सबसे बड़ा सरकारी चिकित्सालय जिला अस्पताल है। जिले ही नहीं पड़ोसी जिले से भी मरीज यहां आते हैं। सबसे बड़े सेंटर की दो-दो ईसीजी मशीन खराब रहना बड़ी लापरवाही है। कर्मियों की लापरवाही से मोतियाबिंद के 20 ऑपरेशन टालने पड़े हैं। इसकी शिकायत मैंने सिविल सर्जन से की है। मोतियाबिंद के ऑपरेशन के अलावा अन्य मरीजों को भी वापस होना पड़ा है।

-वीएस राव, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ

मैं चेक करवा रहा हूं गड़बड़ी कहां से हुई, जल्द व्यवस्था बनाएंगे

ईसीजी मशीन खराब होने की मुझे सूचना दी गई थी। मै उसे चेक करवा रहा हूं। मशीन बनने तक मरीजों को दूसरी मशीनों से ईसीजी कराने काे कहा गया है। हड़ताल के बाद अस्पताल रेगुलर संचालित हो रहा है। इसलिए मरीजों की भीड़ ज्यादा है। दूर से आने वाले मरीजों को परेशानी हुई है। किस कर्मचारी की लापरवाही की वजह मशीनें चेक नहीं की गई, मै उसे चेक करवा रहा हूं।

डॉ. वाईके शर्मा, सिविल सर्जन, दुर्ग

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