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By Dinesh chourasiya

 

*▪️पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज, दुर्ग श्री आनंद छाबड़ा के मार्गदर्शन व पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्री शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन पर 1 दिवसीय सेमिनार का किया गया आयोजन।*

▪️ *इन्वेस्टिगेशन ऑफ़ एनडीपीएस केसेस एंड रिलेटेड प्रोसीजर्स विषय पर दुर्ग रेंज के 100 से अधिक अधिकारी/कर्मचारियों ने सम्मिलित होकर प्राप्त किया प्रशिक्षण।*

▪️ *एनसीबी जोनल यूनिट इंदौर (म. प्र.) से आए इंटेलिजेंस ऑफिसर ने दुर्ग रेंज के विवेचको को एनडीपीएस में दिया प्रशिक्षण।*

पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज, दुर्ग श्री आनंद छाबड़ा के मार्गदर्शन में व पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्री शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन में एन.डी.पी.एस. अधिनियम एवं विवेचना संबंधी एक दिवसीय सेमीनार का आयोजन दुर्ग पुलिस द्वारा एसएनजी हॉल सेक्टर 4 भिलाई में किया गया। सेमिनार में मुख्य रूप से प्रशिक्षण देने आए एनसीबी जोनल यूनिट इंदौर (म. प्र.) से आए इंटेलिजेंस ऑफिसर श्री अरविंद शर्मा , एवम श्री विनय नरवरिया ने विवेचकों को वर्कशॉप के माध्यम से प्रशिक्षण दिया। एक दिवसीय वर्कशॉप के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्री शलभ कुमार सिन्हा के द्वारा सर्वप्रथम माँ सरस्वती एवं छत्तीसगढ़ महतारी की फोटो पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन किया गया। तत्पश्चात उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को अपने संबोधन में कहा कि विवेचना एक प्रकार की तकनीकी कार्य है जिसमें विवेचकों को विषय की संपूर्ण जानकारी होने से विवेचना के स्तर को उच्च कोटि का बनाया जा सकता है, प्रशिक्षण कार्यशाला की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया, विवेचना में बरती जाने वाली सावधानियां सहित प्रथम पहलू से लेकर अंतिम पहलू तक विवेचना किस प्रकार की जाए, जिससे आरोपियों को न्यायालय द्वारा दण्डित किया जा सके के संबंध में विस्तृत जानकारी देने के साथ ही एन.डी.पी.एस. के प्रकरणों पर अंकुश लगाने संबंधी अन्य कई महत्वपूर्ण तथ्य के बारे में बताया।
एनडीपीएस की महत्वपूर्ण वर्कशॉप सुबह 10:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक चली। वर्कशॉप को मुख्यता चार सत्र में बांटा गया था, जिसमें प्रथम सत्र मे एनडीपीएस के क्लासिफिकेशन, आईडेंटिफिकेशन, एनडीपीएस एक्ट 1985, द्वितीय सत्र में एनडीपीएस एक्ट के प्रोसीजर सीजिंग, सैंपल इन ऑफ ड्रग तृतीय सत्र में एनडीपीएस एक्ट के जजमेंट माननीय सुप्रीम कोर्ट के केसेस के बारे में चर्चा की गई। तत्पश्चात आखिरी चरण में सीडीआर/आईपीडीआर एनालिसिस डिजिटल फुटप्रिंट इन्वेस्टिगेशन आदि पर चर्चा की गई।
सेमिनार में मुख्य रूप से प्रशिक्षण देने आए एनसीबी जोनल यूनिट इंदौर (म. प्र.) से आए इंटेलिजेंस ऑफिसर श्री अरविंद शर्मा , एवम श्री विनय नरवरिया ने विवेचकों को विषय की संपूर्ण जानकारी देकर, विवेचना के स्तर को उच्चकोटि का बनाया जाने की बात को ध्यान रखते हुये उनके द्वारा प्रशिक्षण कार्यशाला की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों द्वारा विवेचना दौरान विभिन्न प्रकार के उत्पन्न होने वाली समस्याओं के संबंध में प्रश्न पूछे गये जिनका जवाब देकर समाधान किया गया। ।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में समापन सत्र में आमंत्रित मुख्य वक्ता श्री अरविंद शर्मा इंटेलिजेंस ऑफिसर एनसीबी इंदौर एवं श्री विनय नरवरिया जूनियर इंटेलिजेंट ऑफिसर एनसीबी इंदौर का पुष्प गुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री संजय कुमार ध्रुव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री अनंत कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय दुर्ग रेंज श्रीमती सोनिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आईयूसीएडब्ल्यू श्रीमती मीता पवार, नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर श्री निखिल रखेजा, नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्री वैभव बैंकर, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी धंमधा, श्री प्रभात कुमार, डीएसपी पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय श्री पीआर कुजूर, उप पुलिस अधीक्षक आईयूसीएडब्ल्यू श्रीमती शिल्पा साहू, डीएसपी क्राइम श्री राजीव शर्मा, डीएसपी राजनांदगांव श्री अमित पटेल, डीएसपी बेमेतरा श्री मनोज तिर्की , डीएसपी कबीरधाम श्री केके वासनिक, डीएसपी श्री बोनिफस एक्का, डीएसपी लाइन श्री नीलेश द्विवेदी, डीएसपी हेड क्वार्टर दुर्ग श्री मणिशंकर चंद्रा, प्रो. डीएसपी सुश्री आकांक्षा पांडे सहित दुर्ग रेंज के 100 से अधिक अलग-अलग थानों से आए विवेचकगण उपस्थित रहकर महत्वपूर्ण तथ्य व जानकारी प्राप्त किए।
कार्यक्रम के संपूर्ण व्यवस्था रक्षित निरीक्षक दुर्ग श्री रमेश कुमार चंद्रा एवं रक्षित केंद्र के कर्मचारियों के द्वारा की गई।

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