छत्तीसगढ़

करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी नहीं मिल पा रहा जल आवर्धन योजना का लाभ, पल्ला झाड़ रहे अधिकारी

बलरामपुर। जिले के नगर पंचायत राजपुर क्षेत्र में साल 2017 में करीब 9 करोड़ रुपए की लागत से जल आवर्धन योजना की शुरुआत की गई थी, लेकिन सालों बीत जाने के बाद भी अब तक शत प्रतिशत काम नहीं हो पाया। नगर पंचायत क्षेत्र के 15 वार्डों में नलों के माध्यम से घर तक पानी सप्लाई की जानी थी, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी की कुछ वार्ड नगर पंचायत क्षेत्र के आज भी ऐसे हैं जहां अब तक पाइप लाइन भी नहीं पहुंचा है। नगर पंचायत के अधिकारी जहां योजना हैंडओवर नहीं होने की वजह से अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। इन सबके बीच भीषण गर्मी में वार्डवासी पानी के लिए परेशान हैं।

समस्या से नगर पंचायत का टैंकर भी वार्डवासियों को उपलब्ध नहीं हो पाता। वार्ड की महिलाओं ने बताया कि हैंडपंप से पानी भरते भरते उनके हाथों में छाले तक पड़ जाते है। हैंडपम्प में पर्याप्त पानी भी नहीं आता है। दरअसल राजपुर के खुटनपारा में करीब 9 करोड़ रुपए की लागत से गेउर नदी से जल आवर्धन योजना की शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य वार्ड वासियों के हर घर तक पानी पहुंचाना था, लेकिन टेस्टिंग के दौरान ही पाइप लाइन टूटने से समस्याएं आने लगी। सालों बीत जाने के बाद भी अब तक पीएचई ने इस योजना को नगर पंचायत को हैंडओवर नहीं किया। कई वार्डो में पीएचई का पाइपलाइन का काम अबतक अधूरा है और अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा वार्डवासी भुगत रहे हैं।

नगर पंचायत के सीएमओ योजना हैंडओवर नहीं होने का हवाला देते नजर आ रहे हैं तो वहीं पीएचई के वर्कर रोज पानी सप्लाई करने का दावा कर रहे हैं। वार्ड क्रमांक 6 के अलावा नगर पंचायत क्षेत्र के एक दो वार्ड और भी ऐसे हैं जहां पर पानी की समस्या बनी हुई है। इस योजना का विधायक ने 1 वर्ष पहले कार्य पूर्ण होने का दावा करते हुए उद्घाटन भी किया था, लेकिन आज तक वार्ड वासी पानी के लिए तरस रहे हैं। बहरहाल भीषण गर्मी में वार्डवासी पानी की समस्या झेल रहे हैं। करोड़ों खर्च करने के बाद भी यदि पानी की समस्या बरकरार है तो यह एक गंभीर विषय है। देखना होगा अधिकारी इस खबर के बाद कुंभकर्णी नींद से कब जगते हैं।

Related Articles

Back to top button