
रेलवे के 65 अफसर वंदे भारत में नियमों के खिलाफ यात्रा करते फंसे
जांच और कार्रवाई के लिए पत्र जारी:रेलवे के 65 अफसर वंदे भारत में नियमों के खिलाफ यात्रा करते फंसे
रेलवे के 65 अफसर वंदे भारत में नियमों के खिलाफ यात्रा करते फंसे|बिलासपुर,
प्रतीकात्मक चित्र
बिलासपुर से नागपुर के बीच दिसंबर से शुरू हुई वंदे भारत सुपरफास्ट एक्सप्रेस में पिछले कुछ दिन में रेलवे के ही 65 अधिकारियों को नियमों के खिलाफ या बिना किसी वैध टिकट के यात्रा करते हुए पकड़ा है। इस खुलासे से बिलासपुर जोन में हड़कंप मच गया है। कुछ अफसर परिवार के साथ सफर करते हुए मिले हैं। रेलवे के नियम हैं कि ऐसे अफसरों की नौकरी जा सकती है, हालांकि लीपापोती भी शुरू हो गई है।







जोन अफसरों का मानना है कि संभवत: नियमों की जानकारी के बिना अफसरों ने यात्रा कर ली थी, इसलिए उन पर जुर्माना और कार्रवाई होगी। जोन के पीसीसीएम ने उन विभागों को चिट्ठी लिखकर जांच और कार्रवाई के लिए कहा है, जिनमें ये अफसर काम करते हैं। ऐसे सभी अफसर सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड से नीचे रैंक वाले हैं।
बिलासपुर से नागपुर के बीच सेमी हाईस्पीड वंदेभारत एक्सप्रेस की शुरुआत 11 दिसंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर की थी। यह ट्रेन बिलासपुर से नागपुर की दूरी करीब साढ़े 5 घंटे में पूरा करती है। बिलासपुर के बाद रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और गोंदिया में स्टॉपेज दिए गए हैं। रेलवे बोर्ड ने राजधानी, शताब्दी और तेजस जैसी ट्रेनों के शुरू होने के बाद अधिकारियों-कर्मचारियों को जारी होने वाले पास में कुछ बदलाव किए थे।
इस बदलाव के अनुसार सलेक्शन ग्रेड अफसर के नीचे के लेवल के अधिकारियों यानी जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड, ए और बी ग्रुप के राजपत्रित अधिकारियों को एक्जीक्युटिव क्लास का पास बंद कर दिया गया। इसी तरह अराजपत्रित अधिकारियों को मेल– एक्सप्रेस, राजधानी, दूरंतो, शताब्दी में एक्जीक्युटिव क्लास में पास पर यात्रा के लिए अपात्र कर दिया गया। वंदेभारत को शताब्दी की कैटेगरी में रखा गया है। पात्रता नहीं होने के बावजूद सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड से नीचे के 65 से अधिक अधिकारी बिलासपुर से नागपुर के बीच चलने वाली वंदेभारत में सफर करते हुए मिले हैं।




एक्जीक्यूटिव क्लास सस्ता
एक्जीक्यूटिव क्लास में बिलासपुर से रायपुर 470 रुपए, बिलासपुर से दुर्ग 635, बिलासपुर से राजनांदगांव 690, बिलासपुर से गोंदिया 865, बिलासपुर से नागपुर 1075, रायपुर से दुर्ग 380, रायपुर से राजनादगांव 440, रायपुर से गोंदिया 680, रायपुर से नागपुर 900, दुर्ग से राजनांदगांव 365, दुर्ग से गोंदिया 720, दुर्ग से नागपुर 845, राजनांदगांव से गोंदिया 565, राजनांदगांव से नागपुर 785 और गोंदिया से नागपुर 495 रुपए है।
कार्रवाई के यह नियम
बिना टिकट, पास या पीटीवी के यात्रा करते पकड़े जाने पर तय किराया और अतिरिक्त चार्ज की वसूली की जाएगी। इसके साथ ही प्रकरण के मेरिट के आधार पर अन्य विभागीय कार्रवाई हो सकती है। विभाग से जारी पास, प्रीविलेज टिकट से ऊपर के क्लास में यात्रा करते पकड़े जाने पर मूल किराया और अतिरिक्त चार्ज वसूल किया जाएगा। बता दें कि पास का दुरुपयोग या किसी अनाधिकृत व्यक्ति को यात्रा कराते हुए पकड़े जाने और गलत बयान देने पर नौकरी भी जा सकती है।
अपडेट नहीं किया सिस्टम
इस गड़बड़ी के पीछे क्रिस यानी सेंटर फॉर रेलवे इंन्फार्मेशन सिस्टम को अपडेट नहीं करने को भी कारण बताया जा रहा है। दरअसल, पास, प्रिविलेट टिकट की पात्रता की समीक्षा करने के बाद रेलवे ने क्रिस यानी सेंटर फॉर रेलवे इंन्फार्मेशन सिस्टम को सूचना दी थी, लेकिन सिस्टम अपडेट नहीं किया गया। इस वजह से कई अधिकारियों ने पात्रता नहीं होने के बावजूद वंदेभारत में यात्रा की और पकड़े जाने पर डिफरेंस का भुगतान कर दिया, जबकि नियम से ऐसा होना ही नहीं था।
क्या है किराया
रेलवे के अनुसार बिलासपुर से रायपुर तक का किराया 905 रुपए है। इसी तरह बिलासपुर से दुर्ग 1155, बिलासपुर से राजनांदगांव 1265, बिलासपुर से गोंदिया 1620, बिलापुर से नागपुर 2045, रायपुर से दुर्ग 705, रायपुर राजनांदगांव 825, रायपुर से गोंदिया 1245, रायपुर से नागपुर1695, दुर्ग से राजनांदगांव 690, दुर्ग से गोंदिया 1125, दुर्ग से नागपुर 1575, राजनांदगांव से गोंदिया 1015, राजनांदगांव से नागपुर 1460 और गोंदिया से नागपुर 950 रुपए है।
जुर्माना वसूलेंगे “वंदेभारत एक्सप्रेस में कुछ अधिकारियों के बगैर टिकट यात्रा करने का मामला हमारे संज्ञान में है। अधिकारियों से नियमानुसार जुर्माना वसूलेंगे। संभवतः अफसरों ने नियमों की जानकारी नहीं होने के कारण टिकट के बगैर यात्रा कर ली होगी।” -साकेत रंजन, सीपीआरओ-एसईसीआर








