छत्तीसगढ़

आखिरी चार सीटों पर उम्मीदवारी का सस्पेंस बरकरार.. क्या इन वजहों से भाजपा नहीं तय कर पा रही है नाम

By Dinesh chourasiya

 

 

छत्तीसगढ़: भाजपा की चार सीट कसडोल, बेलतरा, बेमेतरा और अंबिकापुर जातिगत समीकरण में अटकी हुई हुई। इन सीटों में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल और वर्तमान विधायक रजनीश सिंह का भविष्य अधर में लटका हुआ है। इनकी टिकट खतरे में नजर आ रही है। कसडोल में कांग्रेस भाजपा एक दूसरे की घोषणा का इंतजार कर रहे।

ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस का पत्ता देख कर भाजपा यहां अपना दांव खेलेगी। हालांकि दावेदार प्रचार में लगे हुए है। अंबिकापुर की बात करें तो सरगुजा की 5 सीटें सामान्य है। महेंद्रगढ़ भटगांव और बैकुंठपुर में ओबीसी को और प्रेमनगर में SC को प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में अंबिकापुर से भाजपा सामान्य वर्ग के किसी को टिकट देना चाहती है। बेमेतरा से राहुल टिकरिया का नाम लगभग तय है लेकिन यहां से पिछले दिनों जनता कांग्रेस से प्रवेश करने वाले योगेश तिवारी की वजह से मामला अटक गया है। वह भी सामान्य वर्ग से एक प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने तखतपुर से धर्मजीत सिंह और कोटा से प्रबल प्रताप सिंह को मैदान में उतारा है ऐसे में इसी जाति वर्ग के रजनीश सिंह की टिकट जातिगत समीकरण में फंस गई है।

कसडोल से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल प्रमुख दावेदार हैं लेकिन भाजपा ने पहले ही दो अग्रवालों को टिकट दे दिया है ऐसे में जातिगत समीकरण में गौरीशंकर अग्रवाल की टिकट फस गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का कहना है सभी पहलुओं में ध्यान रखते हुए और विचार विमर्श कर टिकट का वितरण किया गया है बची हुई चार सीटों के नाम भी लगभग तय कर लिए गए हैं जल्दी ही इसकी घोषणा कर दी जाएगी। कसडोल से भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख दावेदार और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का प्रत्याशी जीतेगा चाहे वह कोई भी हो। वहीं पर कांग्रेस ने चुटकी लेते हुए कहा कि टिकट वितरण के बाद भारतीय जनता पार्टी में हो रही सिर फुटव्ल के बाद 4 सीटों में निर्णय लेने में भाजपा घबरा रही है।

 

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