Uncategorized

छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती मामले में गृहमंत्री के बंगले पहुंची कैंडिडेट्स की भीड़:गृहमंत्री से सवाल-जवाब; एक अभ्यर्थी का कई जिलों में चयन पर बवाल, गृह मंत्री से चल रही चर्चा

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर बड़ी संख्या में आरक्षक कैंडिडेट्स गृहमंत्री विजय शर्मा के बंगले पहुंचे। जहां गृहमंत्री ने खुद बंगले के बाहर कैंडिडेट्स से मिलकर मुलाकात की और समस्याओं पर चर्चा की। इससे पहले कैंडिडेट्स ने बंगले के बाहर बैठकर अपनी मांगे रखी।

गृहमंत्री विजय शर्मा ने उन्हें मनाने का प्रयास किया और बंगले के भीतर चर्चा करने की समझाइश दी। हालांकि कैंडिडेट्स ने कहा कि बाकी साथियों के आने पर ही वो बंगले जाएंगे। इसके बाद गृहमंत्री अंदर चले गए। कुछ देर बाद बाकी साथियों के आने पर कैंडिडेट भी अंदर पहुंचे। जहां अभी चर्चा चल रही है।

मंत्री और कैंडिडेट्स के बीच बातचीत की देखिए तस्वीरें

गृहमंत्री विजय शर्मा ने कैंडिडेट्स की पुलिस भर्ती काे लेकर उनकी समस्याएं सुनी।

गृहमंत्री बोले- भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी

गृहमंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार (16 दिसंबर) को विधानसभा भवन में पत्रकारों से इस मुद्दे पर बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय तरीके से संपन्न की गई है।

गृहमंत्री ने बताया कि अभ्यर्थियों की मांग पर सभी उम्मीदवारों के प्राप्तांक सार्वजनिक कर दिए गए हैं। अब कोई भी अभ्यर्थी किसी भी जिले के उम्मीदवार के अंक विभागीय वेबसाइट पर जाकर देख सकता है। इसके लिए QR कोड भी जारी किए गए हैं, जो सीधे रिजल्ट पोर्टल तक ले जाते हैं।

पुलिस आरक्षक भर्ती में कुल 5,967 पदों के लिए लगभग 7 लाख आवेदन आए थे।

एक अभ्यर्थी का कई जिलों में चयन, ऐसे होगा समाधान

वहीं एक ही कैंडिडेट्स का कई जिलों में चयन को लेकर उठे सवालों पर गृहमंत्री ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि खुली प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए अभ्यर्थियों को किसी भी जिले से शारीरिक परीक्षा देने की अनुमति दी गई थी।

कई अभ्यर्थियों ने एक से अधिक जिलों में शारीरिक परीक्षा दी और सफल भी हुए। ऐसे मामलों में लिखित परीक्षा एक ही बार ली गई, लेकिन जिन-जिन जिलों में शारीरिक परीक्षा पास की थी, वहां लिखित परीक्षा के अंक जोड़ दिए गए।

हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अंतिम चयन केवल एक ही जिले में होगा। अन्य जिलों में प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) से प्रावीण्यता सूची के आधार पर अन्य युवाओं का चयन किया जाएगा।

कई जिलों में एक ही अभ्यर्थी के चयन को लेकर अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया है।

शिकायत निवारण के लिए खुला मंच, ADG सुनेंगे अभ्यर्थियों की बात

भर्ती प्रक्रिया को लेकर शिकायतों के समाधान के लिए विभाग ने खुला मंच उपलब्ध कराया है। एडीजी एसआरपी एसपी कल्लूरी ने बताया कि किसी अभ्यर्थी को भर्ती में अनियमितता या गड़बड़ी की शिकायत है, तो वे 19 और 20 दिसंबर 2025 को पुलिस मुख्यालय, रायपुर में सबूतों के साथ उनसे सीधे मिल सकते हैं।

उन्होंने कहा कि पारदर्शिता को लेकर जिन अभ्यर्थियों को संदेह है, वे लिखित शिकायत और प्रमाण के साथ पुलिस मुख्यालय आ सकते हैं। इससे पहले भी 12 से 14 दिसंबर तक सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों ने अपने कार्यालयों में शिकायतें सुनी थीं।

5,967 पदों के लिए आए थे करीब 7 लाख आवेदन

एडीजी कल्लूरी ने बताया कि पुलिस आरक्षक भर्ती में कुल 5,967 पदों के लिए लगभग 7 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे। भर्ती परीक्षा सितंबर माह में आयोजित की गई थी और रिजल्ट 9 दिसंबर को जारी किया गया। अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने के कारण शंकाएं स्वाभाविक हैं।

इसी को ध्यान में रखते हुए विशेष शिकायत निवारण व्यवस्था की गई है। विभाग का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया नियमों के तहत पूरी तरह पारदर्शी रही है और हर शिकायत को तथ्यों के आधार पर सुना जाएगा।

Related Articles

Back to top button