दुर्ग एसएसपी ने ली पुलिस अफसरों की समीक्षा बैठक:आम लोगों से अच्छा व्यवहार करने दिए निर्देश, कहा- सिर्फ प्रार्थियों को तंग करना, बदतमीजी करना और उन्हें भगाने के लिए नहीं होते मुंशी मददगार
By Dinesh chourasiya

दुर्ग में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने पुलिस नियंत्रण कक्ष भिलाई में रविवार को समीक्षा बैठक ली। जिसमें जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों के रीडर, थाना व चौकी में कार्यरत मुंशी, मददगार एवं रीडर उपस्थित रहे। इस दौरान एसएसपी विजय अग्रवाल ने सबसे ज्यादा आम जनता से व्यवहार सुधारने और उनकी बातें धैर्य पूर्वक सुनने पुलिस अफसरों को निर्देशित किया।







बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2025 की समाप्ति को देखते हुए लंबित पत्रों के त्वरित निराकरण, थानों में संधारित किए जाने वाले विभिन्न रजिस्टरों की समीक्षा तथा आगामी वर्ष 2026 में पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक से अधिक डिजिटल बनाने की दिशा में आवश्यक दिशा-निर्देश देना रहा।
आम लोगों की समस्या को सुनने पर जोर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अग्रवाल ने कहा कि पुलिस का पहला दायित्व आम जनता से अच्छा व्यवहार करना है। उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों को समझाइश दी कि फरियादियों की बात को धैर्यपूर्वक सुना जाए और उनकी समस्याओं का समयबद्ध व संवेदनशील तरीके से निराकरण किया जाए।





समय पर सभई जवाब भेजने रखना होगा ध्यान बैठक में क्राइम रजिस्टर, हिस्ट्रीशीट, समन्स-वारंट रजिस्टर, वीसीएनबी, इंडेक्स, सस्पेक्ट एवं सजायाब रजिस्टरों के संधारण की विस्तार से समीक्षा की गई। सभी रजिस्टरों को निर्धारित प्रोफार्मा के अनुसार सही तरीके से संधारित करने तथा वर्ष 2026 में नए सिरे से सुव्यवस्थित ढंग से रखने के लिए उपस्थित कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया। इसके साथ ही पुलिस कार्यालय से प्राप्त पत्रों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर जवाब भेजने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रशासनिक कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो।

डिजिटल पुलिसिंग पर फोकस करने निर्देश एसएसपी ने थानों के कामकाज को अधिक से अधिक डिजिटल करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल पुलिसिंग से न केवल कार्यों में पारदर्शिता आएगी, बल्कि रिकॉर्ड संधारण, निगरानी और अपराध नियंत्रण में भी काफी सहूलियत मिलेगी। इसके अलावा बैठक में समस्त थाना एवं पुलिस चौकी के प्रधान आरक्षक व आरक्षकों को अपने-अपने बीट क्षेत्र में रात्रि निगरानी बढ़ाने, गुंडा-बदमाशों की नियमित चेकिंग करने तथा संबंधित सूचनाओं को इन्फॉर्मेशन एवं ऑब्जर्वेशन नोटबुक में अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए।




