CG में आयुष्मान में गड़बड़ी पर 16 अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन रद रायपुर में सबसे ज्यादा 8 दुर्ग के दो अस्पताल शामिल
By Dinesh chourasiya
आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों के इलाज के नाम पर गड़बड़ी करने वाले प्रदेश के 16 निजी अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। विभाग ने इन अस्पतालों का आयुष्मान योजना के तहत रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। 19 अस्पतालों की जांच में 16 में अलग-अलग तरह की गड़बड़ियां मिली हैं।







इनमें मरीजों से इलाज के नाम पर ज्यादा पैसे लेना, बिना जरूरत भर्ती करना, इलाज के पैकेज में गलत कोड डालकर ज्यादा राशि लेना और फर्जी दस्तावेज तैयार करना शामिल है। सबसे ज्यादा 8 अस्पताल रायपुर के हैं।
11 अस्पतालों में मरीजों से ज्यादा पैसे लेने के मामले




जांच रिपोर्ट के मुताबिक, 16 अस्पतालों में सबसे ज्यादा 11 में मरीजों से अतिरिक्त पैसे वसूलने की शिकायत सही पाई गई। 7 अस्पतालों में बिना जरूरत मरीजों को भर्ती किया गया था। 5 अस्पतालों में इलाज के पैकेज की गलत कोडिंग मिली।
इसके अलावा 6 अस्पतालों में एजेंटों के जरिए मरीज लाने और 2 अस्पतालों में फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले सामने आए हैं।
इन 16 अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन रद्द
स्वास्थ्य विभाग की जांच में जिन अस्पतालों में गड़बड़ी मिली, उनमें रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर समेत दूसरे जिलों के अस्पताल शामिल हैं।
रायपुर:
- श्री अनंत साई अस्पताल में एजेंटों के जरिए मरीज लाने।
- एसके केयर अस्पताल में मरीजों से ज्यादा पैसे लेने और एजेंटों के जरिए मरीज लाने।
- श्री महावीर अस्पताल में अतिरिक्त वसूली।
- श्रीनिवास अस्पताल में फर्जी दस्तावेज और एजेंटों के जरिए मरीज लाने।
- वरदान अस्पताल में पैकेज की गलत कोडिंग और जरूरी दस्तावेजों की कमी के साथ एजेंटों से मरीज लाने।
- सुयश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में अतिरिक्त वसूली, हेरिटेज अस्पताल में अतिरिक्त वसूली, गलत पैकेज कोडिंग और एजेंटों से मरीज लाने।
- श्री रावतपुरा सरकार अस्पताल में अतिरिक्त वसूली, गलत पैकेज कोडिंग और एजेंटों से मरीज लाने की गड़बड़ी मिली।
दुर्ग: पल्स अस्पताल में पैकेज की गलत कोडिंग और मरीजों से अतिरिक्त पैसे लेने का मामला मिला। श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में बिना जरूरत भर्ती और अतिरिक्त वसूली की गई।
कोंडागांव: नेताम अस्पताल एवं इन्फर्टिलिटी सेंटर में मरीजों से अतिरिक्त पैसे लेने की गड़बड़ी मिली।
कोरबा: हरि कृष्णा केयर अस्पताल में अतिरिक्त वसूली और बिना जरूरत मरीजों को भर्ती करने का मामला सामने आया।
बस्तर: स्वामी चंद्रशेखरानंद अस्पताल में बिना जरूरत भर्ती, गलत पैकेज कोडिंग और मरीजों से वसूली की गई।
कबीरधाम: जय जगन्नाथ हेल्थकेयर में मरीजों से अतिरिक्त पैसे लेने का मामला मिला।
बिलासपुर: अशोक प्रसूति मंदिर में गलत पैकेज कोडिंग, ज्यादा चार्ज लेने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की गड़बड़ी मिली। केयर एन क्योर मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में मरीजों से ज्यादा पैसे वसूले गए।
3 अस्पतालों में बड़ी गड़बड़ी नहीं मिली
जांच के दौरान तीन अस्पतालों में कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं पाई गई। इनमें बिलासपुर का मेहता चिल्ड्रन नर्सिंग होम, रायपुर का विजन सेंटर आई हॉस्पिटल और सरगुजा का डीएचटी अस्पताल शामिल है।
नर्सिंग होम एक्ट के तहत अलग से होगी जांच
स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त संचालक इंद्रजीत बर्मन के मुताबिक, जांच में गड़बड़ी मिलने वाले अस्पतालों पर आयुष्मान योजना के तहत कार्रवाई की गई है। नर्सिंग होम एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए अलग टीम बनाई गई है।
फिलहाल 16 अस्पतालों पर हुई कार्रवाई आयुष्मान योजना के रजिस्ट्रेशन तक सीमित है। नर्सिंग होम एक्ट के तहत कार्रवाई अलग प्रक्रिया है।
इस कानून के तहत अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन, संचालन, जरूरी सुविधाओं, स्टाफ और मरीजों को दी जाने वाली मेडिकल सर्विस के तय मानकों की जांच होती है। गंभीर गड़बड़ी मिलने पर अस्पताल का रजिस्ट्रेशन भी रद्द किया जा सकता है।





