हाईकोर्ट में भूपेश बघेल की अर्जी खारिज:चुनाव-याचिका में अतिरिक्त मुद्दे जोड़ने की मांग की थी, भाजपा सांसद विजय ने निर्वाचन को दी है चुनौती
By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अर्जी को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। उन्होंने अपने निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर अतिरिक्त मुद्दे जोड़ने की मांग की थी, जिसे जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल ने ठुकरा दिया है।







भाजपा सांसद विजय बघेल की ओर से दाखिल चुनाव याचिका में अतिरिक्त मुद्दे तय करने के लिए भूपेश बघेल की ओर से आवेदन दिया गया था। भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट के 28 सितंबर 2026 के आदेश का हवाला देते हुए यह आवेदन दिया था। हाईकोर्ट ने 5 अक्टूबर को आवेदन पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा था।
विजय बघेल ने भूपेश बघेल के निर्वाचन को दी है चुनौती




दरअसल, पाटन विधानसभा चुनाव के परिणाम को चुनौती देते हुए भाजपा सांसद विजय बघेल ने चुनाव याचिका लगाई है। इसमें 2023 के विधानसभा चुनाव में भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती दी गई है।
इसमें भूपेश बघेल ने सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 14 के नियम 1, 2(2) और 5, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 87 का हवाला देते हुए अतिरिक्त मुद्दे जोड़ने की मांग की थी। अपने आवेदन में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 28 सितंबर के आदेश के आधार का हवाला दिया था।
विजय बघेल सबूत देने पहुंचे थे
5 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान विजय बघेल व्यक्तिगत रूप से साक्ष्य दर्ज कराने के लिए उपस्थित हुए थे। इसी दौरान भूपेश बघेल की ओर से अतिरिक्त मुद्दे तय करने के आवेदन की जानकारी दी गई। विजय बघेल की ओर से इस आवेदन पर जवाब पहले ही पेश किया जा चुका था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने 13 अक्टूबर को आदेश के लिए रखा था।
पहले भी खारिज हो चुका है आवेदन
इससे पहले 17 सितंबर 2026 को हाईकोर्ट ने भूपेश बघेल की ओर से दिया गया वह आवेदन भी खारिज कर दिया था, जिसमें चुनाव याचिका को समय-सीमा के आधार पर प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज करने की मांग की गई थी। वह आवेदन सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 7 नियम 11 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 86(1) के तहत दिया गया था





