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आशुतोष रांका और सौरव दास जंतर-मंतर से हिरासत में:सरकार ने कल से ही यहां प्रोटेस्ट बैन किया, CJP नेता बोले- प्रदर्शन यहीं करेंगे

By Dinesh chourasiya

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है। दोनों CJP समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पर पहुंचे और नारेबाजी कर रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने सभी को पकड़ लिया।

CJP ने हिरासत में लिए गए नेताओं का वीडियो जारी किया। रांका ने कहा, ‘ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रोटेस्ट जंतर-मंतर पर ही होगा। आज 10 लोग आए हैं, कल 1000 आएंगे, परसों 10,000 आएंगे।’

जंतर-मंतर पर अब प्रदर्शन नहीं हो सकते। केंद्र सरकार ने सोमवार को इसे निर्धारित प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटा दिया था।

CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर और SIR के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बुलाया था, लेकिन पहुंच नहीं पाए थे।

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हिरासत में लिए जाने के बाद आशुतोष रांका ने वीडियो जारी किया।

CJP ने कल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की परमिशन मांगी थी, कुछ देर सूची से हटा

केंद्र सरकार ने सोमवार को जंतर-मंतर पर निर्धारित प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटा दिया है। सरकार ने 33 साल पहले जंतर-मंतर को प्रदर्शन की जगह तय किया था। यहीं पर अन्ना आंदोलन, पहलवानों का प्रदर्शन, कॉकरोच पार्टी का धरना हुआ था।

गृह मंत्रालय की बनाई कमेटी की सिफारिश पर दिल्ली का रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड प्रदर्शन स्थल बनाए गए हैं।

सरकार ने इसे हटाने के पीछे की वजह नहीं बताई है, लेकिन, माना जा रहा है कि संसद से सिर्फ 1.5 km दूरी इसकी वजह है।

CJP के नेता सोमवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए तारीख और समय तय करने को कहा था। पार्टी ने 24 घंटे के भीतर जवाब देने की मांग की थी। इसके थोड़ी देर बाद यह आदेश जारी किया गया।

2 दिन पहले ही 50 हजार के मुचलके पर छूटे थे CJP टॉप लीडर्स

सीजेपी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर और SIR के विरोध में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बुलाया था।

उस दिन सुबह सौरव दास व आशुतोष रांका को CJP फाउंडर अभिजीत दीपके को दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से ही पुलिस ने हिरासत में लिया था। तीनों को 11 अक्टूबर को दिल्ली कैंट की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया था।

इसके बाद उन्हें 50-50 हजार रुपए के जमानती मुचलके पर रिहा कर दिया गया। रिहाई की शर्त के मुताबिक, तीनों को एक साल तक शांति बनाए रखनी होगी और ऐसा कोई काम नहीं करना होगा, जिससे शांति भंग हो।

हिरासत से छूटने के बाद CJP नेताओं ने थंब्स अप का इशारा किया था।

कॉकरोच पार्टी ने जंतर-मंतर पर 36 दिन प्रदर्शन किया था

कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जून से 25 जुलाई तक NEET पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए प्रदर्शन किया था। 36 दिन तक चले इस प्रदर्शन के दौरान एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल पर बैठे थे।

20 जुलाई को CJP ने संसद तक का मार्च भी किया था। 25 जुलाई को प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शन खत्म हो गया था।

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