ओडिशा के सीएम से सीएम साय की चर्चा: छत्तीसगढ़ और ओडिशा महानदी जल विवाद का समाधान करेंगे
By Dinesh chourasiya

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को भुवनेश्वर में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से उनके निवास पर मुलाकात की। दोनों मुख्यमंत्रियों ने छत्तीसगढ़-ओडिशा के आपसी सहयोग, विकास, जनकल्याण और दोनों राज्यों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।







मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दोनों राज्य पड़ोसी होने के साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से भी गहराई से जुड़े हैं। साझा विषयों पर संवाद और सहयोग बढ़ाकर दोनों राज्यों की जनता के हित में काम करने पर सकारात्मक चर्चा हुई। महानदी जल विवाद पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लंबे समय से चले आ रहे इस मामले के समाधान के लिए अब सकारात्मक वातावरण बना है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों में भाजपा की सरकार है और केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार है। केंद्र के सहयोग और दोनों राज्यों की सकारात्मक पहल से महानदी जल विवाद का बहुत जल्द समाधान निकलने की उम्मीद है।




ओडिशा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रसिद्ध भगवान लिंगराज मंदिर पहुंचकर सपत्नीक दर्शन-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से भगवान लिंगराज की पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
2016 में शुरू हुआ विवाद, 2018 में बना ट्रिब्यूनल
महानदी जल बंटवारे को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच विवाद 2016 में सामने आया। ओडिशा का आरोप था कि छत्तीसगढ़ में महानदी की ऊपरी धारा पर बन रहे बैराजों और परियोजनाओं से हीराकुंड बांध में पानी का प्रवाह, खासकर गैर-मानसून अवधि में प्रभावित होगा।
इसके विपरीत, छत्तीसगढ़ का तर्क था कि महानदी के कैचमेंट का बड़ा हिस्सा उसके राज्य में है, इसलिए उसे अपने हिस्से के पानी के उपयोग का पूरा अधिकार है। अभी केंद्र सहित दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार है, इसलिए उम्मीद है कि विवाद जल्द सुलझ जाएगा।






