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CG के इस जिले में 50 आवारा मवेशियों को लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे ग्रामीण  ग्रामीणों ने कहा, आवारा मवेशियों से हम परेशान हो चुके हैं, इसलिए इन्हें कलेक्टोरेट ले आए

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में परसा-भकुरा गांव के लोग गुरुवार को करीब 50 आवारा मवेशियों को हांकते हुए कलेक्टोरेट पहुंच गए। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से आवारा मवेशियों से परेशान हैं। मवेशी खेतों में घुसकर फसल खराब कर रहे हैं और सड़कों पर बैठे रहने से हादसों का खतरा भी बना रहता है।

ग्रामीणों ने कहा, आवारा मवेशियों से हम परेशान हो चुके हैं, इसलिए इन्हें कलेक्टोरेट ले आए हैं। अब कलेक्टर साहब ही इनकी व्यवस्था करें। उनके दरवाजे पर जाकर खड़े कर दिए हैं। चाहे रोड पर एक्सीडेंट कराए या अपने घर में बांधें।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय गौठानों की व्यवस्था थी। उस समय आवारा मवेशियों की समस्या इतनी ज्यादा नहीं थी। उनका आरोप है कि मौजूदा सरकार में गौठानों की व्यवस्था बंद होने के बाद परेशानी बढ़ गई है।

ग्रामीणों ने कलेक्टर से मुलाकात कर आवारा मवेशियों के लिए उचित व्यवस्था करने की मांग की। इस पर नायब तहसीलदार बताया कि मवेशियों के संरक्षण और उन्हें रखने की उचित व्यवस्था करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

करीब 50 आवारा मवेशियों को लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे ग्रामीण।
ग्रामीणों ने कहा - आवारा मवेशी उनकी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने मवेशियों के लिए उचित व्यवस्था करने की मांग की।

फसलों को नुकसान, हादसे का खतरा

दरअसल, सरगुजा जिले में पशुपालकों के खुले में छोड़े गए मवेशी लोगों के लिए परेशानी बन गए हैं। ये मवेशी नेशनल और स्टेट हाईवे की सड़कों पर जगह-जगह बैठे रहते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। वहीं खेतों में घुसकर फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे ग्रामीण काफी परेशान हैं।

13 किमी दूर कलेक्टोरेट पहुंचा दिए आवारा मवेशी

गुरुवार को ग्राम परसा-भकुरा के ग्रामीण आवारा मवेशियों को हांकते हुए करीब 13 किलोमीटर दूर अंबिकापुर कलेक्टोरेट पहुंच गए। ग्रामीणों ने मवेशियों को कलेक्टोरेट परिसर में ही छोड़ दिया।

कलेक्टोरेट में अचानक बड़ी संख्या में मवेशियों को देखकर अधिकारी-कर्मचारी भी हैरान रह गए। ग्रामीणों ने कहा, मवेशियों को कलेक्टर साहब के पास पहुंचा दिए हैं, अब इनकी व्यवस्था कलेक्टर साहब ही करें।

ग्रामीण बोले- कांग्रेस के समय गौठानों की व्यवस्था थी

ग्रामीणों का कहना है कि पिछली कांग्रेस सरकार के समय गौठानों की व्यवस्था थी। उस समय आवारा मवेशियों की समस्या इतनी ज्यादा नहीं थी। भाजपा सरकार में गौठानों की व्यवस्था बंद होने के बाद आवारा मवेशियों की परेशानी बढ़ गई है।

फसल को बर्बाद कर रहे आवारा मवेशी- ग्रामीण

परसा के पूर्व सरपंच मनोज कुमार सिंह पोया ने बताया कि आवारा मवेशी खेतों में घुसकर ग्रामीणों की फसल बर्बाद कर रहे हैं। इसी समस्या को लेकर वे कलेक्टर से मिलने पहुंचे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि मवेशियों को गौशाला में रखा जाए और उनके संरक्षण की व्यवस्था की जाए।

नायब तहसीलदार लक्की सिदार ने बताया कि ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है। मवेशियों के संरक्षण और उनके लिए उचित व्यवस्था करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

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