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बिलासपुर बाल संप्रेक्षण गृह में चौकीदार-हत्याकांड, 11 दिन बाद हुआ पोस्टमॉर्टम:10 दिनों तक चला धरना प्रदर्शन; 11.50 लाख मुआवजा और बेटे को संविदा नौकरी की बात पर सहमति तीन फरार नाबालिक आरोपी दबोचे गए 

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के बाल संप्रेक्षण गृह में चौकीदार नरेंद्र खांडे की हत्या के 11 दिन बाद बुधवार को उनके शव का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव रिश्तेदारों को सौंप दिया गया, जिसके बाद गांव में अंतिम संस्कार किया गया।

चौकीदार के रिश्तेदार मुआवजा और नौकरी की मांग को लेकर लगातार धरने पर बैठे थे। मंगलवार रात प्रशासन के साथ हुई बातचीत के बाद धरना समाप्त हुआ। प्रशासन ने अलग-अलग मदों से कुल 11.50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और बेटे को संविदा या कलेक्टर दर पर नौकरी देने का आश्वासन दिया।

12 जुलाई की रात चार अपचारी बालक चौकीदार की हत्या कर दी थी।

12 जुलाई की रात हुई थी हत्या

सरकंडा के नूतन चौक स्थित बाल संप्रेक्षण विशेष गृह में 12 जुलाई की रात चार अपचारी बालक चौकीदार नरेंद्र खांडे की हत्या कर फरार हो गए थे। घटना के बाद परिजन और समाज के लोग धरने पर बैठ गए।

उनकी मांग थी कि परिवार को 1 करोड़ रुपए मुआवजा, पत्नी को 15 हजार रुपए मासिक पेंशन, बेटे को नौकरी और बेटी की पढ़ाई, शादी का खर्च प्रशासन उठाए।

धरने के दौरान पत्नी की तबीयत बिगड़ी

धरने के आठवें दिन नरेंद्र खांडे की पत्नी सीमा खांडे की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद समाज के लोगों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया।

इस बीच पुलिस ने चार फरार अपचारी बालकों में से तीन को पकड़ लिया, जबकि प्रशासन लगातार परिजनों को समझाने में जुटा रहा।

11.50 लाख के मुआवजे पर बनी सहमति

शुरुआत में समाज के लोग 35 लाख रुपए मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों की लगातार समझाइश के बाद 11 लाख 50 हजार रुपए के मुआवजे पर सहमति बन गई।

सहमति के तहत बेटी की शादी के लिए 5 लाख रुपए, स्वेच्छा अनुदान से 5 लाख रुपए, महिला-बाल विकास विभाग की ओर से 1 लाख रुपए और रेड क्रॉस से 50 हजार रुपए देने की घोषणा की गई।

इसके अलावा परिवार के भरण-पोषण के लिए मृतक के बेटे को संविदा या कलेक्टर दर पर नौकरी देने का भी प्रशासन ने आश्वासन दिया।

3 आरोपी गिरफ्तार, चौथे की तलाश जारी

हत्या के बाद फरार चार अपचारी बालकों में से तीन को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। चौथा आरोपी अभी फरार है। वह कटघोरा में अपने साथियों से अलग होकर चौकीदार की बाइक लेकर भाग गया था।

पुलिस को उसके रायगढ़ में होने की सूचना मिली थी, लेकिन तलाश के लिए भेजी गई एसीसीयू टीम खाली हाथ लौट आई। बुधवार को आरोपी द्वारा ले जाई गई बाइक अनूपपुर से बरामद कर ली गई।

पुलिस ने एक आरोपी को प्रयागराज से पकड़ा, दूसरे को पटना के एक निजी अस्पताल में गार्ड की नौकरी करते हुए गिरफ्तार किया, जबकि तीसरे को उसके परिजनों की निशानदेही पर बेंगलुरु रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया। उसे लेकर पुलिस टीम बिलासपुर पहुंच रही है।

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