कुम्हारी थाना में चालान पेश करने के बदले आरक्षक ने मांगे 20 हजार, एसएसपी ने किया सस्पेंड
By Dinesh chourasiya

सड़क हादसे के बाद थाने में जब्त नई कार को छुड़वाने के लिए कोर्ट में चालान पेश करने के नाम पर 20 हजार रुपए मांगने वाले आरक्षक सोलोमन राजू को सस्पेंड कर दिया गया है। दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने शिकायत मिलने के बाद यह आदेश जारी किया है। निलंबित आरक्षक क्रंमाक 814 सोलोमन राजू कुम्हारी थाने में पदस्थ था। अब उसे सस्पेंड कर पुलिस लाइन भेज दिया गया है।







एसएसपी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि, बेमेतरा जिले के देवकर निवासी विमलेश कुमार द्विवेदी ने शिकायत की थी कि उनके खिलाफ दर्ज सड़क हादसे के मामले का चालान कोर्ट में पेश करने के लिए आरक्षक सोलोमन राजू ने 20 हजार रुपए की मांग की और पैसे भी ले लिए। शुरुआती जांच में आरक्षक का आचरण संदेह के दायरे में पाया गया। इसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया।





दिसंबर 2025 से थाने में खड़ी थी नई गाड़ी
शिकायतकर्ता विमलेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि, पूरा मामला 27 दिसंबर 2025 को हुए सड़क हादसे से जुड़ा है। उनके मुताबिक कुम्हारी ओवरब्रिज के नीचे सामने से आ रही टीवीएस सुपर एक्सल उनकी कार से टकरा गई थी।
हादसे में बाइक सवार घायल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने पहले इलाज कराने की बात कही। उन्होंने घायल को रायपुर के महोबा बाजार स्थित अस्पताल में भर्ती कराया और इलाज का पूरा खर्च भी उठाया।
विमलेश का कहना है कि उस समय दूसरी तरफ के लोगों ने कहा था कि वे कोई रिपोर्ट नहीं कराना चाहते। लेकिन करीब एक सप्ताह बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई। इसके बाद पुलिस लगातार फोन कर थाने बुलाती रही।
कभी रात में तो कभी सुबह आने के लिए कहा जाता था। उन्होंने कई बार नोटिस भेजने की बात कही, लेकिन थाने पहुंचने पर हर बार नए-नए दस्तावेज मांगकर वापस भेज दिया जाता था
खर्चा-पानी के नाम पर लगातार लेते रहे पैसे
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इस दौरान खर्चा-पानी के नाम पर कई बार पैसे मांगे गए और उन्होंने कई बार रकम भी दी। उनकी नई किया सोनेट कार पुलिस ने जब्त कर ली थी। 7 जुलाई 2025 को कोर्ट से गाड़ी छुड़ाने की प्रक्रिया चल रही थी। उनका आरोप है कि पहले 1500 रुपए लिए गए, फिर फोटोकॉपी के नाम पर पैसे मांगे गए और बाद में 20 हजार रुपए की मांग की गई।
जमानत न मिले इसलिए सेकंड हाफ में पेश किए दस्तावेज
शिकायतकर्ता विमलेश ने यह भी आरोप लगाया कि, जमानत प्रक्रिया में भी देरी की गई। उनके अनुसार कोर्ट में दस्तावेज दोपहर करीब पौने तीन बजे पेश किए गए, जबकि ऐसे मामलों में कागजात पहले हाफ में लगाए जाते हैं। देर से पेश होने के कारण उनके भाई की जमानत तो हो गई, लेकिन कार रिलीज नहीं हो सकी। अब गाड़ी छोड़ने के लिए उन्हें एक सप्ताह बाद की तारीख मिल गई है।
कुम्हारी थाने के दो-तीन पुलिसकर्मियों ने मिलकर किया परेशान
विमलेश का कहना है कि, अपराध पंजीबद्ध होने के बाद से ही कुम्हारी थाने के दो-तीन पुलिसकर्मियों ने मिलकर उन्हें परेशान किया। उन्होंने पुलिस से नई गाड़ी होने का हवाला देकर जल्द रिलीज करने की गुजारिश की थी, लेकिन पैसे की मांग की जाती रही। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत दुर्ग एसएसपी से की, जिसके बाद कार्रवाई की गई।वो








