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प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत आवास प्लस 2.0 की स्थायी प्रतीक्षा सूची संबंधी एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

436 ग्राम पंचायतों के सरपंचों एवं सचिवों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का दिया गया प्रशिक्षण

 

रितेश कुमार क्राइम रिपोर्टर (पत्रकार)

बालोद, 24 जून 2026

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत ’आवास प्लस 2.0’ की स्थाई प्रतीक्षा सूची के संबंध में जिला पंचायत के सभाकक्ष में 23 जून को एक दिवसीय प्रशिक्षण का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि इस कार्यशाला में जिले के समस्त 436 ग्राम पंचायतों के सरपंचों एवं सचिवों को आमंत्रित किया गया था। कार्यशाला में प्रधानमंत्री आवास-ग्रामीण, आवास प्लस 2.0, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026, 16वें वित्त आयोग, विकसित भारत ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। यह कार्यशाला कुल 03 पालियों में आयोजित की गई, जिसमें प्रत्येक पाली में जनपद पंचायतवार पृथक-पृथक ग्राम पंचायत सचिव सम्मिलित हुए। कार्यशाला में ग्राम पंचायत सरपंचों और सचिवों को अवगत कराया गया कि प्रधानमंत्री आवास-ग्रामीण योजना के तहत जिले के सभी गांवों में 24 जून 2026 से आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में ’आवास प्लस 2.0’ सर्वेक्षण से प्राप्त सिस्टम-जनरेटेड प्रतीक्षा सूची का सार्वजनिक वाचन किया जाना है। साथ ही, शासन द्वारा निर्धारित 12 मापदंडों के आधार पर इसका अवलोकन व सत्यापन कार्य किया जाएगा और योजना की मार्गदर्शिका के निर्देशानुसार स्थाई प्रतीक्षा सूची तैयार की जाएगी। इसके साथ ही, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए इन नियमों को शत-प्रतिशत लागू करने के निर्देश दिए गए। इसी तरह 16वें वित्त आयोग के अंतर्गत प्राप्त दिशा-निर्देशों, कार्यप्रणाली तथा वित्तीय आवंटन के नए प्रावधानों से भी अवगत कराया गया। साथ ही समर्थ पोर्टल की उपयोगिता एवं 16वें वित्त आयोग के कार्य निष्पादन अनुदान में इसके महत्व को विस्तार से समझाया गया। कार्यशाला में ’विकसित भारत ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण’ योजनाओं के तहत निर्मित नए कानूनों के विषय में जानकारी प्रदान की गई। इसमें जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया कि योजना के नवीन प्रावधानों के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को अब 125 दिनों के अकुशल शारीरिक श्रम की गारंटी प्रदान की जाएगी। इस नए कानून में मुख्य रूप से 04 क्षेत्रों-जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका बुनियादी ढांचा और जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। प्रशिक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए विभिन्न सवालों के जवाब देकर योजनाओं के सुचारू एवं सफल क्रियान्वयन हेतु आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।

 

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