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वार्ड क्रमांक 01 में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण और पीएम आवास निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, जांच तक निर्माण रोकने की मांग

क्राइम रिपोर्टर रितेश कुमार की खबर

 

रितेश कुमार क्राइम रिपोर्टर (पत्रकार)

बालोद | 23 जून 2026

बालोद नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक 01 पाररास में शासकीय भूमि, सार्वजनिक मार्ग एवं बच्चों के गार्डन की भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को तहसीलदार एवं नगर पालिका परिषद बालोद के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की जांच पूरी होने तक संबंधित प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्य को स्थगित रखा जाए।

 

 

ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि वार्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कुछ हितग्राहियों के आवास निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जबकि संबंधित भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद बना हुआ है। ज्ञापन के अनुसार उक्त स्थल तक पहुंचने के लिए कोई वैध एवं स्थापित सार्वजनिक मार्ग उपलब्ध नहीं है।

 

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पूर्व में इस मामले को लेकर नगर पालिका में लिखित आपत्ति भी दर्ज कराई गई थी। उस दौरान संबंधित पक्ष द्वारा स्टाम्प पेपर पर निजी भूमि से मार्ग उपलब्ध कराने का लिखित आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक उस पर अमल नहीं किया गया।

 

 

ज्ञापन में यह भी दावा किया गया है कि लगभग 1500 वर्गफुट शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। साथ ही नगर पालिका द्वारा विकसित बच्चों के सार्वजनिक गार्डन क्षेत्र के प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बिना सीमांकन और जांच के निर्माण कार्य जारी रहा तो भविष्य में बड़ा विवाद उत्पन्न हो सकता है।

 

 

आज ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार कार्यालय एवं नगर पालिका परिषद बालोद पहुंचकर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराया और ज्ञापन सौंपा। इस दौरान ग्रामीण अध्यक्ष मदन साहू, गौकरण साहू, युगल किशोर साहू, लोकेश साहू, पार्षद प्रतिनिधि सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में निष्पक्ष जांच कर अतिक्रमण हटाने तथा जांच पूरी होने तक संबंधित निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की।

 

ग्रामीणों ने प्रशासन से भूमि का सीमांकन, सार्वजनिक मार्ग का सत्यापन एवं कथित अतिक्रमण की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

 

नोट: यह समाचार ग्रामीणों द्वारा प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन एवं उसमें लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। संबंधित पक्ष अथवा प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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