दुर्ग में 19 सेंटर पर होगा नीट री-एग्जाम:जैमर और CCTV से निगरानी, 4 एम्बुलेंस रिजर्व; मजिस्ट्रेट करेंगे प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, रेलवे चलाएगा स्पेशल ट्रेनें, स्टेशन पर टिकट चेकिंग भी नहीं
By Dinesh chourasiya

21 जून को होने वाले नीट यूजी 2026 री-एग्जाम को लेकर दुर्ग जिले में प्रशासन और रेलवे ने बड़े स्तर पर तैयारी की है। परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा से लेकर छात्रों की आवाजाही तक के लिए अलग-अलग प्लान बनाए गए हैं। जिले के सभी परीक्षा केंद्रों में जैमर, सीसीटीवी कैमरे, स्वास्थ्य टीम, मजिस्ट्रेट और सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। वहीं दूसरी तरफ रेलवे ने छात्रों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए स्पेशल ट्रेनें, अतिरिक्त कोच और स्टेशन पर विशेष व्यवस्था लागू की है।

शनिवार को दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह और दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने परीक्षा केंद्र जेआरडी स्कूल पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने बताया कि जिले में परीक्षा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और परीक्षा को सुरक्षित, व्यवस्थित और बिना किसी परेशानी के कराने पर पूरा फोकस रखा गया है।







प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए मजिस्ट्रेट की ड्यूटी पेपर की सुरक्षा के लिए भी कई स्तर पर व्यवस्था की गई है। प्रश्न पत्रों के परिवहन से लेकर ओएमआर शीट वापस जमा होने तक मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई है। सुबह प्रश्न पत्र केंद्र तक पहुंचाने के दौरान मजिस्ट्रेट मौजूद रहेंगे, परीक्षा के दौरान केंद्रों पर रहेंगे और परीक्षा खत्म होने के बाद ओएमआर जमा होने तक निगरानी करेंगे। इसके अलावा ऑब्जर्वर भी नियुक्त किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए सेंट्रल फोर्स की तैनाती की गई है जो पूरे समय निगरानी करेगी।

दुर्ग जिले में 19 केंद्रों पर होगी परीक्षा कलेक्टर अभिजीत सिंह के मुताबिक जिले में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों में जैमर लगा दिए गए हैं ताकि परीक्षा के दौरान किसी तरह का इलेक्ट्रॉनिक संपर्क न हो सके। इसके अलावा हर कमरे में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कैमरों की टेस्टिंग भी पूरी हो चुकी है। परीक्षा के दौरान इन्हीं कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की जाएगी। स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी अलग तैयारी की गई है। किसी परीक्षार्थी की तबीयत खराब होने या इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों में स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा चार एम्बुलेंस रिजर्व रखी गई हैं, जो जरूरत पड़ने पर तुरंत मौके पर पहुंचेंगी।
सोशल मीडिया पर नजर रखेगी जनसंपर्क की टीम प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भी नजर रखने के लिए अलग टीम बनाई है। जनसंपर्क अधिकारी के नेतृत्व में टीम इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी करेगी। अगर कहीं भी पेपर लीक या गलत जानकारी फैलाने जैसी सूचना सामने आती है तो उसकी तुरंत जांच और तथ्य स्पष्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। ड्रेस कोड और एंट्री को लेकर भी प्रशासन ने छात्रों को सलाह दी है। कलेक्टर ने कहा कि सभी अभ्यर्थी अपने एडमिट कार्ड में दिए गए टाइम स्लॉट के अनुसार ही केंद्र पहुंचे। एंट्री के लिए आधे-आधे घंटे के स्लॉट तय किए गए हैं, जैसे 12 बजे से 12:30 और 12:30 से 1 बजे तक। दोपहर 1:30 बजे के बाद गेट बंद कर दिए जाएंगे। छात्रों को हल्के रंग के कपड़े, आधी बांह की शर्ट या टी-शर्ट पहनकर आने और हाई हील या जूते की जगह चप्पल पहनकर आने की सलाह दी गई है ताकि जांच प्रक्रिया जल्दी पूरी हो सके।




रेलवे ने भी की पूरी तैयारी, परीक्षार्थियों को परेशानी से मिलेगी राहत इधर बड़ी संख्या में छात्रों के आने की संभावना को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने भी विशेष संचालन योजना लागू की है। रेलवे के अनुसार रायपुर क्षेत्र में करीब 9 हजार और दुर्ग-भिलाई में करीब 5 हजार अतिरिक्त यात्रियों की आवाजाही हो सकती है। इसी को देखते हुए 20 और 21 जून को दुर्ग–कोरबा के बीच चार मेमू पैसेंजर स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। 20 जून को 06801 कोरबा–दुर्ग मेमू सुबह 10 बजे कोरबा से चलकर शाम 4:15 बजे दुर्ग पहुंचेगी। उसी दिन 06802 दुर्ग–कोरबा शाम 7:05 बजे रवाना होकर रात 12:45 बजे कोरबा पहुंचेगी। 21 जून को 06803 कोरबा–दुर्ग मेमू सुबह 4 बजे कोरबा से चलेगी और सुबह 10:50 बजे दुर्ग पहुंचेगी। परीक्षा के बाद 06804 दुर्ग–कोरबा शाम 7:05 बजे दुर्ग से चलेगी और रात 12:45 बजे कोरबा पहुंचेगी।
दुर्ग तक आएगी कोरबा-रायपुर हसदेव एक्सप्रेस इसके अलावा कोरबा–रायपुर हसदेव एक्सप्रेस को एक दिन के लिए दुर्ग तक बढ़ाया गया है। यह ट्रेन सुबह 11:20 बजे पावर हाउस और 11:45 बजे दुर्ग पहुंचेगी। वापसी में शाम 4:30 बजे दुर्ग से चलेगी। रेलवे ने 10 ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाने का भी फैसला लिया है। रेलवे स्टेशन पर भी छात्रों के लिए विशेष सुविधा रहेगी। रायपुर और दुर्ग स्टेशन पर ‘मे आई हेल्प यू’ बूथ बनाए जाएंगे। छात्रों की आवाजाही आसान रखने के लिए टिकट जांच नहीं की जाएगी। ट्रेनों की घोषणा व्यवस्था, पेयजल, प्रतीक्षालय,







